‘नोटबंदी अलोकतांत्रिक और अनिर्देशित मिसाइल जैसा फैसला था.’

— अमर्त्य सेन, जाने-माने अर्थशास्त्री और भारत रत्न

अमर्त्य सेन ने यह बात मुंबई में सभी के लिए स्वास्थ्य नामक विषय पर चर्चा के दौरान कही. भारत और चीन की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि चीन में एक छोटा समूह फैसले करता है, जबकि भारत जैसे लोकतंत्र में जनता की मांग पर कदम उठाया जाता है. हालांकि, सेन ने यह भी कहा कि यहां राजनीतिक फैसलों में लोकतंत्र का यह सिद्धांत लागू नहीं होता है क्योंकि उनमें जनभागीदारी की स्थिति सिद्धांत से बिल्कुल उलट है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रशासन के ढंग पर भी सवाल उठाया. स्वास्थ्य क्षेत्र की चुनौतियों को लेकर अमर्त्य सेन ने कहा कि इसमें नोटबंदी जैसे एकतरफा विचारों से कोई मदद नहीं मिल सकती है.

‘काले धन का डेंगू मच्छर स्विटजरलैंड में उड़ रहा है और आप यहां डंडा चला रहे हैं.’

— अरुण शौरी, पूर्व केंद्रीय मंत्री

अरुण शौरी का यह बयान नोटबंदी को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए आया. हैदराबाद लिटरेरी फेस्टिवल में उन्होंने कहा कि काला धन भारत में नकदी के रूप में नहीं रखा है, बल्कि लोग इससे विदेशों में कंपनियां और संपत्तियां खरीद रहे हैं. पूर्व केंद्रीय मंत्री के मुताबिक लोगों को नोटबंदी से होने वाले नफे-नुकसान की जानकारी ही नहीं है. उन्होंने कहा कि लोग यह भी नहीं जानते हैं कि इससे काला धन खत्म हुआ है या नहीं. शौरी का कहना था कि केंद्र सरकार को कर प्रशासन सुधारने और बैंकिंग क्षेत्र में तेजी लाने जैसे काम करने थे, लेकिन बीते ढाई साल में कोई काम नहीं हुआ है जो समस्या की असल जड़ है.


‘अयोध्या में संवैधानिक तरीके से राम मंदिर बनाया जाएगा.’

— अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष

अमित शाह का यह बयान उत्तर प्रदेश में चुनाव घोषणा-पत्र ‘लोक कल्याण संकल्प पत्र’ जारी करते हुए आया. दो-तिहाई बहुमत मिलने की उम्मीद जताते हुए उन्होंने कहा कि राम मंदिर और विकास में कोई फर्क नहीं है. बिहार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में सपा-कांग्रेस गठबंधन से चुनाव पर असर पड़ने के सवाल पर भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि दोनों राज्यों में फर्क है और उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी शून्य है. भाजपा में परिवारवाद के सवाल पर शाह का कहना था कि विधायक के बेटे का विधायक बनना परिवारवाद नहीं है, बल्कि राहुल गांधी का और उनकी अगली पीढ़ी का कांग्रेस अध्यक्ष बनना परिवारवाद है.


‘अब फिल्म डायरेक्टर सामाजिक संदेश देने वाली फिल्में बनाने लगे हैं.’

— कल्कि कोकलिन, अभिनेत्री

कल्कि का यह बयान भारत और पाकिस्तान के सांस्कृतिक पहलुओं को दिखाने वाली एक डॉक्यूमेंट्री ‘आजमाइश’ को लेकर आया. उन्होंने कहा कि पिछले साल दंगल, कहानी-2, दुर्गा रानी सिंह, पिंक, उड़ता पंजाब और अलीगढ़ जैसी फिल्में आईं जिनमें नशा और बाल यौन शोषण जैसी समस्याओं से लेकर महिलाओं को सशक्त बनाने जैसे विषय उठाए गए थे. सिनेमा को संचार का सशक्त माध्यम बताते हुए कल्कि ने कहा कि वे लोग ‘आजमाइश’ को फिल्म फेस्टिवल और प्रदर्शनियों के जरिए लोगों तक पहुंचाने की योजना बना रहे हैं. कल्कि का यह भी कहना था कि यह डॉक्यूमेंट्री दोनों देशों की साझी पहल है, लेकिन इसका विवादों से कोई लेना-देना नहीं है. ‘आजमाइश’ को पाकिस्तानी डायरेक्टर सबीहा सुमर ने निर्देशित किया है.


‘यह देशों के बीच दीवार बनाने का समय नहीं है.’

— हसन रोहानी, ईरान के राष्ट्रपति

ईरान के राष्ट्रपति का यह बयान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मैक्सिको सीमा पर दीवार बनाने के फैसले पर आया. उन्होंने कहा, ‘वे लोग भूल गए हैं कि वर्षों पहले बर्लिन की दीवार गिरा दी गई थी.’ तेहरान में आयोजित पर्यटन सम्मेलन में हसन रोहानी ने यह भी कहा कि वैश्विक व्यापार ने दुनिया के देशों को एक-दूसरे के नजदीक लाने का काम किया है. उनका कहना था कि इसे खत्म करके कोई भी देश अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूती नहीं दे पाएगा. ईरान के राष्ट्रपति का इशारा डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 12 सदस्यीय ट्रांस पैसिफिक साझेदारी समझौते से अमेरिका को अलग करने के फैसले की तरफ था.