राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के अभिभाषण के साथ मंगलवार को संसद का बजट सत्र शुरू हो गया. दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुखर्जी ने केंद्र सरकार की योजनाओं और उनकी उपलब्धियों को सामने रखा. बीते साल नोटबंदी के फैसले से पैदा हुई नकदी की किल्लत का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ इस अभियान को लेकर देश के नागरिकों, खास तौर पर कमजोर तबके द्वारा दिखाई गई सहनशीलता सराहनीय है. राष्ट्रपति ने आम बजट को पहले पेश करने और रेल बजट को आम बजट मिलाने जैसे फैसलों के आधार पर इसे ऐतिहासिक सत्र बताया. पहले आम बजट फरवरी के अंतिम दिन पेश किया जाता था, लेकिन इस बार सरकार ने इसे एक फरवरी को पेश करने का फैसला किया है.

योजनाएं और उपलब्धियां

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने स्वच्छ भारत अभियान, इंडियन पोस्टल पेमेंट बैंक, जन-धन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना और मिशन इंद्र धनुष जैसी योजनाओं का जिक्र किया. उन्होंने कहा, ‘मेरी सरकार की इन योजनाओं का मूल मकसद गरीबों, पीड़ितों, दलितों और वंचितों का कल्याण करना है. विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के जरिए लगभग 13 करोड़ गरीबों को लाभ पहुंचाया गया है.’

महिला उत्थान पर जोर

राष्ट्रपति ने ओलंपिक पदक विजेता बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु और कुश्ती खिलाड़ी साक्षी मलिक के साथ जिमनास्ट दीपा कर्माकर को भारतीय महिलाओं की शक्ति का उदाहरण बताया. उन्होंने कहा, ‘मेरी सरकार ने नारी शक्ति को देश की विकास यात्रा के केंद्र में रखा है. वे बराबरी का अवसर पाने की हकदार हैं.’ राष्ट्रपति ने मातृत्व लाभ कानून, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान जैसी योजनाओं की उपलब्धियों को भी सामने रखा.

सेना की प्रशंसा

नियंत्रण रेखा पर भारतीय सेना द्वारा आतंकी ठिकानों पर सफल सर्जिकल स्ट्राइक के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भारतीय सेनाओं की बहादुरी की प्रशंसा की. भारतीय सेना के पराक्रम पर गर्व जताते हुए उन्होंने कहा कि यह भारत के अधिकार-क्षेत्र और संप्रभुता की रक्षा के लिए उठाया गया कदम था. राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में सरकार द्वारा सैनिकों की ‘वन रैंक वन पेंशन’ की मांग स्वीकार करने और सातवें वेतन आयोग को लागू करने जैसे फैसलों का भी उल्लेख किया.