अपनी सरकार का चौथा बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कई अहम घोषणाएं की हैं. सरकार ने ढाई लाख से पांच लाख तक की आय पर कर की दर 10 से घटाकर पांच प्रतिशत कर दी है. इससे ऊपर की कमाई के सभी वर्गों में टैक्स में 12500 रु की राहत दी गई है. 50 लाख से एक करोड़ रु सालाना कमाई पर 10 फीसदी का सरचार्ज लगेगा. साथ ही तीन लाख से ज्यादा के नकद लेनदेन पर रोक लगाने का भी ऐलान किया गया है. राजनीतिक चंदे में पारदर्शिता लाने की कवायद के तहत अब नकद में 2000 रु से ज्यादा का चंदा नहीं दिया जा सकेगा.

मनरेगा आवंटन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

केंद्र सरकार ने एक बार फिर मनरेगा के बजट में बढ़ोतरी की है. वित्त मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2017-18 के लिए मनरेगा आवंटन को 48,000 करोड़ रुपये किया गया है. 2016-17 में यह 37,000 करोड़ रुपये था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले मनरेगा को कांग्रेस की यादगार विफलता का नमूना बता चुके हैं.

गांवों के लिए झोली खुली

सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र, कृषि और अन्य सहायक क्षेत्रों के कुल व्यय को बढ़ाकर 1,87,223 करोड़ रुपये कर दिया है. यह आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष से 24 फीसदी ज्यादा है. वित्त मंत्री बताया कि सरकार ने आम बजट में मई 2018 तक 100 फीसदी गांवों का विद्युतीकरण करने का लक्ष्य रखा है. इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम के तहत कर्ज लौटाने का समय 15 साल से बढ़ाकर 20 साल कर दिया गया है.

शिक्षा

वित्त मंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा युवाओं को प्रोत्साहित करेगी. उन्होंने स्कूलों में बच्चों के सीखने की स्थिति के आलकन के लिए व्यवस्था लाने और विदेश में रोजगार की तलाश करने वाले युवाओं के लिए कौशल विकास केंद्र खोलने का प्रस्ताव किया है.

स्वास्थ्य

अरुण जेटली ने 2025 तक टीबी उन्मूलन का लक्ष्य सामने रखा. उन्होंने कहा कि इसी वित्त वर्ष से ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए महिला शक्ति केंद्रों की स्थापना की जाएगी. इसके अलावा अगले चार साल में आर्सेनिक और फ्लोराइड से प्रभावित 28,000 गांवों को सुरक्षित पेयजल योजना के दायरे में लाया जाएगा. झारखंड और गुजरात में दो अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) स्थापित करने की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि महिलाओं और बच्चों से संबंधित योजनाओं के लिए बजट आवंटन 1.56 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1.84 लाख रुपये कर दिया गया है. इसके अलावा अनुसूचित जातियों से संबंधित योजनाओं के लिए 53, 393 करोड़ रुपये का बजट आवंटन हुआ है.