अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ब्रिटेन यात्रा को लेकर बढ़ते विरोध के बाद ब्रिटेन की संसद इस मामले पर चर्चा करने के लिए तैयार हो गई है. पिछले हफ्ते अमेरिका की यात्रा से लौटने के बाद ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने कहा था कि इस साल के अंत में डोनाल्ड ट्रंप ब्रिटेन की यात्रा पर आएंगे. मे के मुताबिक महारानी एलिजाबेथ की ओर से भेजे गए निमंत्रण को ट्रंप ने स्वीकार कर लिया है.

डोनाल्ड ट्रंप को लेकर हुए इस ऐलान के बाद से ब्रिटेन में इस यात्रा के विरोध में हस्ताक्षर अभियान शुरू कर दिया गया था. बताया जाता है कि ट्रंप का विरोध करने वाली याचिका पर 17 लाख से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं जिसके बाद ब्रिटिश संसद इस मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार हो गई है. खबरों के मुताबिक यह चर्चा इसी महीने 20 तारीख को होगी. ब्रिटेन के संविधान के मुताबिक अगर किसी याचिका पर एक लाख से अधिक लोग हस्ताक्षर करते हैं तो उसे संसद की चर्चा में शामिल किया जाना अनिवार्य है.

ट्रंप द्वारा सात मुस्लिम बहुल देशों के नागरिकों के अमेरिका आने पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद से ब्रिटेन में उनका विरोध बहुत बढ़ गया है. लोग जगह-जगह शांति मार्च निकालकर अमेरिकी राष्ट्रपति के इस फैसले पर विरोध जता रहे हैं. डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले के बाद ब्रिटेन की सत्ताधारी कंजर्वेटिव पार्टी के कुछ सांसदों ने भी ऐलान किया है कि वे ट्रंप को ब्रिटेन यात्रा के दौरान ब्रिटिश संसद में भाषण नहीं देने देंगे. हालांकि, बढ़ते विरोध के बीच प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने साफ़ किया है कि ट्रंप की ब्रिटेन यात्रा तय समय पर ही होगी क्योंकि इस यात्रा का मकसद दोनों देशों के संबंधों को और प्रगाढ़ बनाना है.