उत्तर प्रदेश के नोएडा में एसटीएफ ने अब तक के सबसे बड़े ऑनलाइन फर्जीवाड़ों में से एक का भंडाफोड़ किया है. करीब 3700 करोड़ रुपये का यह फर्जीवाड़ा ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर किया गया. आज करीब सभी अखबारों ने इस खबर को मुख्य पृष्ठ पर जगह दी है. अखबारों के मुताबिक इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. शुरुआती जांच में पता चला है कि अब्लेज इंफो सॉल्यूशंस नामक एक कंपनी ने करीब सात लाख लोगों को ठगा है. इसके अलावा फेसबुक पर एक वीडियो के जरिए खराब खाने की शिकायत करने वाले बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव की वीआरएस की अर्जी खारिज होने की खबर को भी अखबारों ने प्रमुखता से जगह दी है.

पंजाब और गोवा में चार फरवरी को होने वाले चुनाव के लिए गुरुवार को चुनावी प्रचार थमने की खबर भी आज अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. गुरुवार को चुनाव लड़ रहे सभी दलों के नेताओं ने इन दोनों राज्यों में विरोधी दलों पर जमकर निशाना साधा. इसके अलावा पूर्व दूरसंचार मंत्री दयानिधि मारन और अन्य आरोपितों के बरी होने की खबर को भी अखबारों ने प्रमुखता से जगह दी है. दयानिधि मारन यूपीए सरकार में 2004 से 2007 तक दूरसंचार मंत्री थे. मारन बंधुओं पर आरोप लगा था कि उन्होंने अपने पद पर रहते हुए मोबाइल कंपनी एयरसेल पर अपने शेयर मैक्सिस को बेचने का दबाव बनाया था.

उत्तर प्रदेश : 50 से 500 रुपये में लड़कियों के मोबाइल नंबरों की बिक्री के गोरखधंधे का खुलासा

उत्तर प्रदेश में महिला अपराध से जुड़ा एक नया मामला सामने आया है. हिंदुस्तान टाइम्स की एक विशेष रिपोर्ट के के मुताबिक राज्य में मोबाइल रीचार्ज की दुकानों पर लड़कियों के फोन नंबर बेचे जा रहे हैं. इनकी कीमत लड़कियों के रंग-रूप के आधार पर 50 रुपये से 500 रुपये के बीच तय की जाती है. बताया जाता है कि इन नंबरों को खरीदने वाले ग्राहक बाद में लड़की को फोन करके परेशान करते हैं.

अखबार के मुताबिक सूबे में तेजी से बढ़ते इस तरह के रैकेट का पर्दाफाश पुलिस हेल्पलाइन 1090 पर बड़ी संख्या में दर्ज की जाने वाली शिकायतों के बाद हुआ है. इस हेल्पलाइन पर पिछले चार वर्षों में अनजान फोन नंबरों से कॉल करके परेशान करने के छह लाख मामले दर्ज किए गए. इनमें से 90 फीसदी मामले लड़कियों से जुड़े हुए थे.

राजनीतिक दलों के लिए समय पर आयकर रिटर्न दाखिल करने को अनिवार्य बनाने के लिए कानून में संशोधन का प्रस्ताव

राजनीतिक दलों के लिए नकद में राजनीतिक चंदे की सीमा 2000 रुपये तय किए जाने के बाद अब उनके आयकर रिटर्न (आईटीआर) समय पर दाखिल करने को अनिवार्य करने के लिए कानून में संशोधन किया जाएगा. दैनिक जागरण ने इस खबर को पहले पन्ने पर जगह दी है. खबर के मुताबिक इसके तहत प्रत्येक साल दिसंबर में आईटीआर दाखिल नहीं करने पर कर में मिलने वाली छूट खत्म हो जाएगी. इसके अलावा सरकार बैंकों से चुनाव बांड खरीदकर चंदा देने वालों की पहचान गोपनीय रखने के लिए भी जनप्रतिनिधित्व कानून में संशोधन करने जा रही है.

राजस्व सचिव हसमुख अढ़िया ने अखबार को बताया, ‘कानून के तहत राजनीतिक दलों को आयकर में छूट हासिल है. इसके बावजूद आधे दल समय पर आईटीआर दाखिल नहीं करते. कई दल ऐसे हैं जो दो-तीन साल बाद काफी देर से टैक्स रिटर्न दाखिल करते हैं.’ साल 2017-18 के बजट में साल के दिसंबर तक आईटीआर दाखिल करना अनिवार्य करने का प्रस्ताव है.

उत्तर प्रदेश चुनाव : अमेठी और रायबरेली में सीटों के बंटवारे पर सपा और कांग्रेस के बीच सहमति

उत्तर प्रदेश चुनाव में अमेठी और रायबरेली की सीटों को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच विवाद सुलझ गया है. इन दोनों संसदीय सीटों की कुल 10 में से सात विधानसभा सीटें कांग्रेस और बाकी तीन सपा को मिली हैं. जनसत्ता के मुताबिक कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बीच लंबी बातचीत के बाद इस फॉर्मूले पर सहमति बन पाई.

अखबार के मुताबिक कांग्रेस की ओर से प्रियंका गांधी वाड्रा इस विवाद को सुलझाने में लगी हुई थीं. इसके लिए उन्होंने अखिलेश यादव और डिंपल यादव से कई बार बातचीत की. इस फॉर्मूले पर सपा प्रमुख की ओर से सहमति बनता देख कांग्रेस ने प्रशांत किशोर को आगे बढ़ाया. इससे पहले सपा के साथ गठबंधन के लिए भी प्रियंका गांधी ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई थीं.

नगालैंड : सरकारी कार्यालयों में आगजनी के बाद सेना तैनात

नगालैंड में शहरी चुनाव निकाय का विरोध गुरुवार को हिंसक हो गया. द हिंदू में प्रकाशित खबर के मुताबिक विरोध प्रदर्शनकारियों ने राजधानी कोहिमा स्थित राज्य चुनाव आयोग और उपायुक्त कार्यालयों में आग लगा दी. स्थानीय चुनाव का विरोध करने वालों में आदिवासी समुदाय के लोग शामिल हैं. इसके बाद बिगड़ती स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए सेना को तैनात कर दिया गया है.

अखबार ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि विरोध प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री टीआर जेलिआंग और उनके पूरे मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने की मांग कर रहे हैं. इसके अलावा इन लोगों की मांग है कि शहरी निकाय चुनाव में महिलाओं को दिया गया 33 फीसदी आरक्षण वापस लिया जाए. राज्य सरकार ने हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए चुनाव पर फिलहाल रोक लगा दी है. इसके साथ मुख्यमंत्री जेलिआंग ने सरकार के इस्तीफे की मांग को भी ठुकरा दिया है.

आज का कार्टून

चार फरवरी को पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव होने हैं. हर बार से अलग इस बार राज्य की राजनीति में आम आदमी पार्टी के आने के बाद मुकाबला त्रिपक्षीय हो गया है. राजनीतिक पार्टियों के चुनावी मुद्दों में रोजगार प्रमुख मुद्दा है. सत्ताधारी अकाली दल ने अपने घोषणापत्र में 20 लाख युवाओं को रोजगार देने का वादा किया है. अन्य पार्टियों ने भी रोजगार के मुद्दे पर मतदाताओं को रिझाने की कोशिश की है. द टाइम्स ऑफ इंडिया ने इसी मुद्दे पर कार्टून छापा है.