अपने विज्ञापनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो के इस्तेमाल पर अब रिलायंस जियो इंफोकॉम और पेटीएम को जवाब देना पड़ेगा. जानकारी के मुताबिक खाद्य एवं उपभोक्ता मंत्रालय ने दोनों कंपनियों को नोटिस जारी किया है. इसमें दोनों कंपनियों से पूछा गया है कि प्रधानमंत्री की फोटो के इस्तेमाल से पहले उन्होंने सरकार से अनुमति ली थी या नहीं? जानकारों का मानना है कि इस मामले में दोनों कंपनियों पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है.

इन दोनों कंपनियों ने बीते साल प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीरों को अपने विज्ञापनों के लिए इस्तेमाल किया था. सितंबर 2016 में रिलायंस ने जियो की सर्विस लॉन्च की थी और प्रमुख राष्ट्रीय अखबारों के मुख्य पृष्ठ पर प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर के साथ उसका विज्ञापन जारी किया था. वहीं नोटबंदी के बाद पेटीएम ने इसे आजाद भारत का सबसे साहसिक वित्तीय फैसला बताते हुए विज्ञापन जारी किया था जिसमें मोदी की तस्वीर थी.

इसके बाद नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा था. सितंबर में ही रिलायंस जियो के विज्ञापन पर जनहित याचिका तक दायर कर दी गई थी. वहीं पेटीएम के विज्ञापन को लेकर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसते हुए कहा था कि पेटीएम का मतलब है ‘पे टू मोदी’. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तो प्रधानमंत्री पर आरोप लगाते हुए उन्हें पेटीएम का सेल्समैन तक बता दिया था.

इस मुद्दे पर उपभोक्ता विभाग ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को भी सलाह दी है. इसके मुताबिक उसे मीडिया को जागरूक करना है ताकि चिह्न एवं नाम (अनुचित उपयोग पर रोक) अधिनियम 1950 तहत आने वाले विशेष नामों और प्रतीकों का बिना अनुमति के इस्तेमाल रोका जा सके.