सुप्रीम कोर्ट द्वारा सहारा समूह की पुणे स्थित अहम परियोजना एंबी वैली को जब्त करने का आदेश आज करीब सभी अखबारों के मुख्य पृष्ठ की खबर है. खबरों के मुताबिक एंबी वैली की कीमत 39 हजार करोड़ रुपये है. इसके अलावा शीर्ष अदालत ने समूह से यह भी कहा है कि वह 20 फरवरी तक अपनी गैर-विवादित संपत्तियों का ब्यौरा दे जिनके जरिये उस पर बकाया बाकी रकम की भरपाई की जा सके.

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त बीसीसीआई प्रशासकों की समिति ने बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और सचिव अजय शिर्के के कार्यालयों को बंद करवा दिया है. इसके अलावा बीसीसीआई में उनके द्वारा नियुक्त अधिकारियों को भी हटा दिया गया है. यह खबर भी आज के अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है.

समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने एक बार फिर अपना रूख बदलते हुए कहा है कि अखिलेश यादव ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री होंगे. इसके साथ उन्होंने पार्टी के लिए प्रचार करने की बात भी कही है. हिंदी और अंग्रेजी के प्रमुख अखबारों ने इस खबर को प्रमुखता से जगह दी है. इसके अलावा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 59 कोबरा कमांडो के एक साथ गायब होने से मचा हंगामा भी अखबारों की सुर्खियों में शामिल है. खबरों के मुताबिक ये कमांडो अपना प्रशिक्षण पूरा कर अपने यूनिट मुख्यालय पहुंचने के बजाय बिना किसी सूचना के अपने-अपने घरों को चले गए थे.

सरकार या उसकी नीतियों की आलोचना करने पर अनुशासानात्मक कार्रवाई

सरकारी कर्मचारियों द्वारा केंद्र सरकार या नीतियों की आलोचना करने पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. नवभारत टाइम्स में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में निर्देश जारी किया है. इसमें कहा गया है कि सरकार द्वारा पहले भी इस तरह के निर्देश जारी किए गए हैं कि सभी सरकारी कर्मचारी सरकार और इसकी नीतियों पर प्रतिकूल टिप्पणियों से बचें.

अखबार के मुताबिक मंत्रालय ने निर्देश में जिन नियमों का हवाला दिया है, उनके तहत कोई भी कर्मचारी संचार माध्यमों जैसे रेडियो, टीवी आदि पर सरकार की नीतियों के उलट बयान नहीं दे सकता. बीते दिनों केंद्रीय उत्पाद और सीमा शुल्क बोर्ड के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठनों ने जीएसटी से जुड़े कुछ फैसलों पर विरोध जताया था.

मध्य प्रदेश : नोटबंदी के बाद घरेलू हिंसा में बढ़ोतरी

नोटबंदी का ऐलान किए जाने के बाद कुछ हफ्ते तक घरेलू हिंसा में बढ़ोतरी दर्ज की गई. द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह बात भोपाल स्थित देश के पहले वन स्टेप क्राइसिस सेंटर (ओएससीसी) ने कही है. मध्य प्रदेश सरकार के सहयोग के साथ चलाए जा रहे ओएससीसी के मुताबिक इस हिंसा की वजह परिवार के पुरुष सदस्य को यह पता चलना था कि उनकी पत्नी ने उन्हें बिना बताए पैसे जमा किए. ओएससीसी के पास पिछले साल नवंबर महीने में औसतन 500 कॉल की तुलना में महिलाओं 1200 कॉल आएं थे. इनमें से आधी महिलाओं ने नोटबंदी से जुड़ी वजहों के चलते अपने साथ हिंसा की शिकायत दर्ज करवाई थी.

एनजीओ एक्शन एड की क्षेत्रीय निदेशक और ओएससीसी से जुड़ी हुई सारिका शर्मा बताती हैं, ‘पुरुषों ने अपनी पत्नियों मारा और उन्हें जेल भिजवाने तक की धमकी दी. इसकी वजह इस बात से उपजा गुस्सा था कि उनकी पत्नी उनसे बिना पूछे पैसे जमा कर रही है.’ उन्होंने आगे कहा कि महिलाएं पहले भी पैसे बचातीं थीं लेकिन, नोटबंदी के बाद एक ही रात में वे अपनी पति की नजरों में अपराधी बन गईं.

नई दिल्ली स्थित डलहौजी रोड अब दाराशिकोह के नाम पर

द हिंदू में छपी खबर के मुताबिक नई दिल्ली स्थित डलहौजी रोड का नाम बदलकर दाराशिकोह रोड कर दिया गया है. इस सड़क नाम 19वीं शताब्दी के मध्य में भारत के गर्वनर जनरल लॉर्ड डलहौजी के नाम था. डलहौजी ने कई देसी रियासतों को ब्रिटिश भारत में मिलाया था. शाहजहां के बेटे और औरंगजेब के भाई दाराशिकोह को हिंदू-मुस्लिम मेलजोल वाली उदार विचारधारा की वजह से जाना जाता है. सड़क का नाम बदलने का प्रस्ताव दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिया था.

अखबार के मुताबिक पिछले डेढ़ वर्षों में नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) द्वारा तीन सड़कों का नाम बदला गया है. इससे पहले औरंगजेब रोड का नाम बदलकर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम रोड और रेसकोर्स रोड का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग किया गया. बताया जाता है कि 2014 में औरंगजेब रोड का नाम बदलकर दाराशिकोह के नाम पर किए जाने का प्रस्ताव आया था. लेकिन 2015 में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के निधन के बाद औरंगजेब रोड को उनका नाम दे दिया गया.

सायरस मिस्त्री को टाटा संस के निदेशक पद से भी हटाया गया

टाटा संस ने सायरस मिस्त्री को निदेशक पद से भी हटा दिया है. हिन्दुस्तान में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक टाटा संस ने मुंबई में शेयरधारकों की विशेष आम सभा (ईजीएम) के बाद जारी एक बयान में इस बात की जानकारी दी. टीसीएस प्रमुख एन चंद्रशेखरन को समूह का नया कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. वे 21 फरवरी से कार्यभार संभालेंगे.

सायरस मिस्त्री को 24 अक्टूबर 2016 को टाटा समूह के मुखिया की कुर्सी से हटा दिया गया था और अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर कमान एक बार फिर रतन टाटा ने संभाल ली थी. इसके बाद मिस्त्री और टाटा समूह के बीच लंबी लड़ाई छिड़ गयी थी. दोनों ने एक-दूसरे पर जमकर आरोप लगाए. टाटा संस में 18.4 फीसदी हिस्सा सायरस मिस्त्री के परिवार की कंपनी का है.

आज का कार्टून

तमिलनाडु में एआईएडीएमके महासचिव वीके शशिकला नटराजन को विधायक दल का नेता चुने जाने पर द टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित कार्टून.