बाल अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के घर में सोमवार रात चोरी हो गई. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार चोर गहने और महंगे सामान के साथ-साथ नोबेल पुरस्कार की प्रतिकृति यानी रेप्लिका और सत्यार्थी को दिया गया प्रशस्ति पत्र भी चुरा ले गए हैं. उनकी संस्था ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ से जुड़े कार्यकर्ताओं ने मीडिया को बताया कि यह चोरी सत्यार्थी के दिल्ली स्थित घर में हुई है. ये लोग जब मंगलवार सुबह उनके घर पहुंचे तो घर का ताला टूटा मिला. अंदर घुसने पर पता चला कि काफी सामान गायब है. दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है.

कैलाश सत्यार्थी इन दिनों एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए बोगोटा (लैटिन अमेरिका) गए हैं. उनके करीबियों के मुताबिक उन्हें इस घटना की जानकारी दे दी गई है. मध्य प्रदेश के विदिशा में रहने वाले कैलाश सत्यार्थी ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ नाम का चर्चित एनजीओ चलाते हैं. उन्हें दुनिया भर में बच्चों की शिक्षा और उनके अधिकारों से जुड़ें मुद्दों पर काम करने के लिए 2014 में शांति के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. उनके साथ यह पुरस्कार पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई को भी दिया गया था.