‘अयोध्या में जो कुछ हुआ था राम भक्तों ने किया था. आगे जो भी होगा राम भक्त ही करेंगे.’

— योगी आदित्यनाथ, गोरखपुर से भाजपा सांसद

आदित्यनाथ का यह बयान राम मंदिर से जुड़े एक सवाल पर आया. उनका यह बयान भाजपा के घोषणा-पत्र के खिलाफ है जिसमें मंदिर मुद्दे को कानून और संविधान के दायरे में सुलझाने की बात कही गई है. लखनऊ में योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा, ‘भाजपा को छोड़कर सपा और बसपा अपने सारे फैसले जाति और धर्म के आधार पर करती हैं, फिर भी खुद को धर्मनिरपेक्ष बताती हैं, यह कैसी धर्मनिरपेक्षता है?’ पश्चिम उत्तर प्रदेश में पलायन पर उन्होंने कहा कि वहां के कई इलाकों में पलायन को साफ-साफ देखा जा सकता है और आबादी में असंतुलन वहां की सच्चाई है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

‘रेनकोट पहनकर नहाने की कला कोई मनमोहन सिंह से सीखे.’

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए आया. उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में इतने बड़े-बड़े घोटाले हुए लेकिन उन पर कोई दाग नहीं लगा. उनके इस बयान के विरोध में मनमोहन सिंह सहित कांग्रेस के सांसद सदन से बाहर चले गए. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व नौकरशाह माधव गोडबोले की किताब का हवाला देकर इंदिरा गांधी पर निशाना साधा था और उन पर 1971 में नोटबंदी के फैसले से पीछे हटने का आरोप लगाया था. इस पर कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद द्वारा ऐतराज जताने पर प्रधानमंत्री मोदी ने तल्ख अंदाज में कहा कि तब कांग्रेस ने गोडबोले के खिलाफ मुकदमा क्यों नहीं किया था.


‘तमिलनाडु के राज्यपाल कहीं खो गए हैं, कोई नहीं जानता कि कहां हैं.’

— सुब्रमण्यम स्वामी, भाजपा सांसद

स्वामी का यह बयान एआईएडीएमके की महासचिव शशिकला समर्थक विधायकों द्वारा राष्ट्रपति से मिलने के फैसले पर आया. तमिलनाडु में राजनीतिक विवाद शुरू होने के बाद से राज्यपाल विद्यासागर राव राज्य से बाहर हैं. शशिकला का पक्ष लेने की खबरों को खारिज करते हुए सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि उन्होंने आय से अधिक मामले में शशिकला को अदालत में चुनौती दे रखी है और ऐसे में उनका पक्ष लेने का सवाल ही नहीं उठता. हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि राज्य में संवैधानिक प्रावधानों का पालन होना चाहिए. स्वामी ने मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम की बगावत के पीछे भाजपा की शह होने के आरोपों को भी बेबुनियाद बताया.


‘हिंदुस्तान में रहने वाला हर मुसलमान आत्मा से हिंदू है.’

— मोहन भागवत, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख

मोहन भागवत का यह बयान बैतूल में आयोजित हिंदू महासम्मेलन में आया. उन्होंने कहा कि जैसे इंग्लैंड का नागरिक इंग्लिश, अमेरिका का अमेरिकन है, उसी तरह हिंदुस्तान में रहने वाला हर नागिरक हिंदू है. भारत को हिंदू राष्ट्र बताते हुए मोहन भागवत ने कहा कि देश का कुछ भी बुरा-भला होने पर केवल हिंदुओं से ही सवाल किया जाएगा. उन्होंने दुनिया में भारत की विश्वगुरू की मान्यता बचाए रखने के लिए हिंदुओं में सामाजिक एकता बढ़ाने पर जोर दिया. मोहन भागवत ने बैतूल जेल जाकर गुरू गोलवलकर की तस्वीर पर फूल-माला भी चढ़ाई, जहां उन्हें महात्मा गांधी की हत्या के बाद तीन महीने तक रखा गया था.


‘इजरायल का बंदोबस्त कानून अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है.’

— एंटोनियो गुटेरेस, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव

गुटेरेस का यह बयान इजरायल द्वारा फिलिस्तीनी क्षेत्र में आवासीय बस्तियों को कानूनी मान्यता देने से जुड़े एक नए कानून पर आया. उन्होंने कहा कि इजरायल को इसके लिए कानूनी दुष्परिणाम झेलने पड़ेंगे. गुटेरेस का यह भी कहना था कि इजरायल को दोनों देशों के बीच सुलह की कोशिशों को नुकसान पहुंचाने वाले फैसलों से बचना चाहिए. हालांकि, इजरायल के इस कानून को केवल सांकेतिक कदम माना जा रहा है, क्योंकि यह संपत्ति के अधिकार से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करता है. उधर, इजरायल के अटॉर्नी जनरल ने इस कानून को असंवैधानिक बताया है और सुप्रीम कोर्ट में इसका बचाव न करने की बात कही है.