उत्तर प्रदेश में दूसरे चरण के साथ आज उत्तराखंड विधानसभा की भी 70 में 69 सीटों के लिए मतदान हो रहा है. राज्य की कर्णप्रयाग सीट पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रत्याशी कुलदीप कनवासी की 12 फरवरी को एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो जाने के कारण वहां चुनाव स्थगित कर दिए गए हैं. इस सीट पर अब नौ मार्च को वोट डाले जाएंगे.

1. अहम सीटें

हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा सीट से मौजूदा मुख्यमंत्री हरीश रावत की प्रतिष्ठा दांव पर है. मौजूदा विधायक स्वामी यतीश्वरानंद को भाजपा ने यहां से फिर टिकट दिया है. पौढ़ी गढ़वाल जिले की चौबट्टाखाल विधानसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार सतपाल महाराज का मुकाबला कांग्रेस के राजपाल बिष्ट से है. इसी जिले की कोटद्वार सीट पर भी रोचक मुकाबले की उम्मीद है. यहां से कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे और अब भाजपा में शामिल हो चुके हरक सिंह रावत का मुकाबला कांग्रेस के सुरेंद्र सिंह नेगी से है. देहरादून जिले की सहसपुर सीट पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय का मुकाबला भाजपा विधायक सहदेव सिंह पुंडीर से है.

2. वोटर और प्रत्याशी

उत्तराखंड में 75,12, 559 मतदाता हैं. इनके हाथ में कुल में 637 प्रत्याशियों की किस्मत होगी. इनमें 62 महिला उम्मीदवार भी हैं.

3. सबसे ज्यादा और कम उम्मीदवारों वाली सीटें

राज्य में सबसे ज्यादा 19-19 उम्मीदवार धर्मपुर और रायपुर सीटों पर खड़े हैं. जबकि सबसे कम चार उम्मीदवार पुरोला और चकराता सीटों पर हैं.

4. पार्टियों के लिहाज से सबसे ज्यादा और सबसे कम प्रत्याशी

भाजपा और कांग्रेस ने राज्य की सभी 70 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं. जबकि एनसीपी (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) के सबसे कम सिर्फ दो प्रत्याशी मैदान में हैं.

5. सबसे बड़ा और छोटा निर्वाचन क्षेत्र

मतदाताओं के लिहाज से राज्य का सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र देहरादून का धर्मपुर इलाका है. यहां 1,83,419 मतदाता हैं. जबकि इसी मापदंड पर सबसे छोटी विधानसभा सीट पुरोला है जहां 67,153 मतदाता हैं. हालांकि क्षेत्रफल के हिसाब से राज्य का सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र कुमाऊं अंचल में स्थित धारचूला है.

6. सीधा मुकाबला और महिला प्रत्याशी

उत्तराखंड की 15 सीटें ऐसी हैं जहां एक से अधिक महिला प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं. जबकि 15 सीटें ऐसी हैं जहां दो दलों के बीच सीधा मुकाबला है.

7. मतदान केंद्र और ईवीएम की संख्या

इस चुनाव में मतदान केंद्रों की कुल संख्या 10,854 है. इनमें रखी 22,815 ईवीएम मशीनों के जरिए प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होगा.