उत्तर प्रदेश के चुनावी समर में शुक्रवार को प्रियंका गांधी की भी औपचारिक भागीदारी हो गई. उन्होंने राहुल गांधी के साथ रायबरेली में एक चुनावी सभा को संबोधित किया है. अपने भाषण में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा. मोदी ने गुरुवार को हरदोई की अपनी चुनावी सभा में कहा था, ‘… मैं यूपी का गोद लिया बेटा हूं... ’ इसके जवाब में प्रियंका गांधी ने कहा है, ‘क्‍या उत्‍तर प्रदेश को अपने विकास के लिए किसी को गोद लेने की जरूरत है? यूपी को किसी को गोद लेने की जरूरत नहीं, यहां का एक-एक नौजवान प्रदेश का विकास करेगा.’ साथ ही उन्होंने मोदी को उत्तर प्रदेश के लिए ‘बाहरी नेता’ बताया है.

सोशल मीडिया पर कांग्रेस समर्थकों और मोदी विरोधियों ने प्रियंका गांधी के इन बयानों को शेयर किया है. लेकिन इसके साथ ही यहां उनकी आलोचना करते हुए भी टिप्पणियां आई हैं. कई लोगों ने सवाल उठाया है कि प्रियंका गांधी सिर्फ चुनाव के वक्त ही क्यों दिखाई देती हैं. फेसबुक पर सर्वप्रिया सांगवान ने लिखा है कि प्रियंका देश की पहली सीज़नल (मौसमी) राजनेता हैं जो सिर्फ उत्तर प्रदेश चुनाव के समय दिखाई देती हैं.

सोशल मीडिया पर आज रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल भी लोगों की बातचीत का हिस्सा बने. हिंदुस्तान टाइम्सकी एक विशेष रिपोर्ट के मुताबिक 2000 रुपये के नोट रघुराम राजन के भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का गवर्नर रहते ही छपने शुरु हो गये थे. लेकिन इन पर वर्तमान गवर्नर उर्जित पटेल के हस्ताक्षर हैं. सोशल मीडिया में इस खबर के बहाने उर्जित पटेल की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं. ट्विटर हैंडल ‏@rss943rss पर टिप्पणी आई है, ‘जब उर्जित पटेल आरबीआई के गवर्नर नहीं बने थे तब अगर दो हजार रुपये के नोट उनके हस्ताक्षर के साथ छपे हैं तो इस मामले की जांच होनी चाहिए.’ साथ ही यहां आज सीएनबीसी टीवी-18 को दिया उनका इंटरव्यू भी चर्चा में रहा. इसमें उन्होंने दावा किया है कि नोटबंदी के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था कुछ समय के लिए ढलान पर गई है लेकिन अब इसमें तेजी से उछाल आएगा. नोटबंदी पर जुड़ी आलोचना के जवाब में आरबीआई गवर्नर ने कहा है कि यह संस्थान अपनी ‘खाल मोटी’ कर चुका है. सोशल मीडिया पर उर्जित पटेल के इन बयानों को भी शेयर किया गया है.

आज इन दोनों मामलों पर सोशल मीडिया में आई कुछ और प्रतिक्रियाएं :

लोपामुद्रा | ‏@lopamohanty

प्रियंका गांधी की एक मात्र उपलब्धि यह है कि उनका चेहरा-मोहरा इंदिरा गांधी से मिलता है.

अरुण शौरी फैन | ‏@FeignShourie

जब भी उर्जित पटेल कुछ बोलते हैं, ऐसा लगता है जैसे प्रोबेशन पीरियड पूरा कर रहा कोई कर्मचारी बात कर रहा हो और जिसके मोदी-जेटली जैसे बॉस हों, जिन्हें यह पता न हो कि आगे क्या करना है!

मंजुल | ‏@MANJULtoons

तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री ई पलानिसामी – ‘मैं दोनों के सपने पूरा करूंगा’

सर्वप्रिया सांगवान | ‏@Drsarvapriya

प्रियंका गांधी और यूपी की लाइट में एक समानता है. दोनों यूपी में आते तो हैं पर फिर लंबे वक़्त के लिए गायब.

सटायर किंग : नो क्यूटियापा | ‏@NoQtiyapa

प्रियंका गांधी इतनी देर से यूपी के चुनावी मैदान में इसलिए कूदी हैं क्योंकि उन्हें इंदिरा गांधी जैसी साड़ियां खरीदने में परेशानी हो रही थी.

समर | ‏@Samar_Anarya

उर्जित पटेल - रिजर्व बैंक के गवर्नर की नौकरी के लिए चमड़ी मोटी करनी पड़ती है.
समर अनार्य स्वयं - कुछ तो रीढ़ तक ख़ुशी से निकलवा देते हैं.

अमितवा नंदी | facebook/amitava.nandy.7

... तो जब उनके पूर्ववर्ती ने अपना पद नहीं छोड़ा था, उससे पहले ही उर्जित पटेल ने बतौर आरबीआई गवर्नर काम करना शुरू कर दिया था... मोदी राज में सब कुछ संभव है.

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