नोटबंदी के बाद 1,000 रुपये के नए नोटों को लाए जाने की संभावना फिलहाल नहीं है. बुधवार को आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) 1000 रुपये के नए नोटों को लाने की किसी योजना पर काम नहीं कर रहा है और भविष्य में भी ऐसी कोई योजना नहीं है. ट्विटर पर उन्होंने लिखा कि भविष्य में 500 रुपये और बाकी छोटे नोटों को छापने पर ही ध्यान दिया जाएगा.

एटीएम में पैसे न होने के सवाल पर आर्थिक मामलों के सचिव ने लोगों से जरूरत से ज्यादा पैसा न निकालने की अपील की. उन्होंने कहा कि अगर कोई ज्यादा पैसे निकालता है तो वह दूसरों को मुश्किल में डालता है. मंगलवार को इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि आरबीआई और केंद्र सरकार 1,000 रुपये के नए नोट लाने की योजना पर विचार कर रहे हैं. इसमें दावा किया गया था कि आरबीआई जनवरी में ही यह नोट जारी करना चाहता था और इनकी छपाई भी शुरू हो गई थी. लेकिन, 500 रुपये के नोटों की किल्लत देखते हुए यह योजना टाल दी गई है.

पिछले साल आठ नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों के रूप में कुल 86 फीसदी नकदी को रद्द कर दिया था. इसके बाद से नकदी की किल्लत देखी जा रही है. हालांकि, वित्त मंत्री अरुण जेटली और खुद शक्तिकांत दास नोटों की आपू्र्ति का काम लगभग पूरा होने का दावा कर चुके हैं.