‘सपा-कांग्रेस का गठबंधन दो कुनबों का नहीं, दो युवाओं का गठबंधन है जो देश और प्रदेश की राजनीति को बदलना चाहते हैं.’  

— अखिलेश यादव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री

अखिलेश यादव का यह बयान भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के आरोपों का जवाब देते हुए आया. गुजरात के गधों वाले बयान पर जारी विवाद को लेकर उन्होंने कहा, ‘गुजरात के एक नेता कहते हैं कि हमें गुजरात के गधों के बारे में नहीं पता. मेरा भी जवाब है कि हम गुजरात के गधों के बारे में नहीं जानना चाहते.’ उन्होंने जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव के आरोपों को खारिज किया. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी मन की बात जनता को समझ ही नहीं आ रही है. अखिलेश यादव ने नोटबंदी के बाद लोगों की मौतों और अच्छे दिन जैसे मुद्दों पर भी केंद्र सरकार को घेरा.

‘जब तक कसाब को खत्म नहीं करोगे, यूपी को मुक्ति नहीं मिलेगी.’

— अमित शाह, भाजपा के अध्यक्ष

अमित शाह का यह बयान उत्तर प्रदेश के चौरीचौरा में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए आया. ‘कसाब’ का अर्थ बताते हुए उन्होंने कहा, ‘क का मतलब कांग्रेस, स का मतलब सपा और ब का मतलब बसपा है.’ कसाब मुंबई आतंकी हमले में जिंदा पकड़े गये पाकिस्तानी आतंकवादी का भी नाम था. अमित शाह ने प्रदेश के बूचड़खानों को बंद करवाने, छोटे किसानों का कर्ज माफ करने और उन्हें बिना ब्याज कर्ज दिलाने जैसे वादे किए. भाजपा अध्यक्ष ने चुनाव के बाद किसी भी दल के साथ गठबंधन की संभावना से इंकार किया है.


भाजपा आरएसएस, वीएचपी और कॉरपोरेट संस्थाओं से साठगांठ करके केंद्र सरकार चला रही है.’

— माणिक सरकार, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री

माणिक सरकार का यह बयान केंद्र सरकार के वादों और फैसलों में तालमेल न होने का आरोप लगाते हुए आया. उन्होंने कहा कि नोटबंदी से सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 1.5 फीसदी तक की गिरावट आएगी और अर्थव्यवस्था को लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपये का नुकसान होगा. त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने कहा कि नोटबंदी से छोटे और मंझोले कारोबार में 40 फीसदी से ज्यादा की कमी आई है. कैशलेस भगुतान को विफल बताते हुए माणिक सरकार ने केंद्र सरकार पर तानाशाहीपूर्ण तरीके से काम करने का आरोप लगाया.


‘मुलायम सिंह ने खुद अपनी साइकिल पंचर कर दी, ताकि बेटे को पार्टी मिल जाए.’

— राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृहमंत्री

राजनाथ सिंह का यह बयान हालिया टकराव के बाद मुलायम सिंह यादव को सपा का मार्गदर्शक बनाने पर आया. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के विकास के दावों को खोखला बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में बिजली भले न आए, लेकिन बिल जरूर आता है. कांग्रेस पर तंज करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी की खाट सभा पर तरस आता है. उन्होंने आगे कहा कि जब खाट सभा सफल नहीं हुई तो राहुल गांधी साइकिल पर बैठ गए. वहीं, बसपा पर निशाना साधते हुए गृहमंत्री ने कहा कि मोदी को निगेटिव दलित मैन बताने वाली बहनजी को केवल दौलत से प्यार है, जबकि प्रधानमंत्री पूरे देश से प्यार करते हैं.


‘विवाद सुलझाने में स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की विफलता उनकी साख पर बट्टा है.’

— एंटोनियो गुटेरेस, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव

एंटोनियो गुटेरेस का यह बयान अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की चुनौतियों की चर्चा करते हुए आया. उन्होंने कहा कि यूरोप में भी टकराव का संकट मौजूद है, बल्कि वहां कई ऐसे मुद्दे हैं जो कभी भी टकराव की वजह बन सकते हैं. गुटेरेस ने आगे कहा कि लोकप्रियतावाद, राष्ट्रवाद, बाहरी लोगों से नफरत और हिंसक अतिवाद ऐसे टकरावों की वजह और प्रभाव दोनों हो सकते हैं. उन्होंने टकरावों के लिए एक से अधिक कारणों को जिम्मेदार बताया. गुटेरेस का कहना था कि ज्यादातर मामलों में शांति समझौतों का लागू न होना प्रमुख वजह होता है, लेकिन लोकतांत्रिक संस्थाओं और कानून के शासन का अभाव भी इसका कारण बन सकता है.