नोटबंदी से चरमराई भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक अच्छी खबर है. प्रमुख वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने संभावना जताई है कि 2017 में जी-20 देशों में भारतीय अर्थव्यवस्था के बढ़ने की रफ्तार सबसे तेज होगी. जी-20, 19 देशों और यूरोपीय संघ का समूह है. इसमें अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया भी शामिल हैं.

मूडीज के मुताबिक 2016 की आखिरी तिमाही में हुए नोटबंदी के फैसले के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर घट गयी है, फिर भी 2017 में यह 7.1 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी. पहले इस आंकड़े के 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था.

इसके अलावा मूडीज का यह भी आकलन है कि 2017-2018 में वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर में भी बढ़ोतरी होगी. एजेंसी के मुताबिक 2016 में यह 2.6 प्रतिशत थी जिसके अब तीन फीसदी तक जाने का अनुमान है. हालांकि मूडीज ने यह भी आशंका जताई है कि अमेरिका की तेजी से बदलती हुई रणनीतियों के चलते ये अनुमान बदल सकते हैं.

मूडीज की वाइस प्रेसिडेंट माधवी बोकिल के मुताबिक अमेरिका की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय नीतियों में बड़े बदलावों के चलते विश्व अर्थव्यवस्था से जुड़े पूर्वानुमानों में बड़ी अनिश्चितता दिख रही है. इन नीतियों में व्यापार और आप्रवासियों से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं. माधवी का मानना है कि ऐसे में यदि अमेरिका की ब्याज दरों और डॉलर की कीमतों में कोई अप्रत्याशित बदलाव आता है तो विश्व की अर्थव्यवस्था निश्चित तौर पर प्रभावित होगी.

मूडीज के मुताबिक अमेरिका के अलावा यूरोपीय संघ में आ रहे अलगाव और इसके सदस्य देशों की रणनीतियों में आ रहे बदलाव और चीन की अर्थव्यवस्था में तेजी से आ रही मंदी भी विश्व अर्थव्यवस्था की वृद्धि को प्रभावित कर सकती है. एक आंकड़े के मुताबिक चीन की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2016 के 6.7 प्रतिशत से घटकर 2017-2018 में 6.3 से लेकर 6 प्रतिशत तक नीचे आ जाएगी.