दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने कामगारों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है. सरकार ने शनिवार को अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी दर में करीब 37 फीसदी की बढ़ोतरी के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि उनकी सरकार ने पूर्व उप राज्यपाल (एलजी) नजीब जंग द्वारा गठित समिति की सिफारिशों को मान लिया है.

अरविंद केजरीवाल के मुताबिक इस प्रस्ताव को 27 फरवरी, 2017 को एलजी अनिल बैजल के पास भेज दिया जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि वे खुद एलजी से मिलकर इसे जल्द से जल्द मंजूरी देने की मांग करेंगे ताकि कामगारों को इसका फायदा मिल सके.

इससे पहले सितंबर, 2015 में भी केजरीवाल सरकार ने मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. हालांकि, उस समय एलजी जंग ने सरकार द्वारा गठित समिति की सिफारिशों को खारिज दिया था. इस समिति ने न्यूनतम मजदूरी दर में 50 फीसदी बढ़ोतरी की सिफारिश की थी.

न्यूनतम मजदूरी दर से संबंधित नए प्रस्ताव के तहत अकुशल मजदूरों का वेतन 9,724 रुपये से बढ़ाकर 13,350 रुपये करने की बात कही गई है. अर्द्धकुशल मजदूरों के लिए इसे 10,764 से बढ़ाकर 14,698 रुपये प्रति माह किया गया है. साथ ही, कुशल कामगारों की मजदूरी 11,830 रुपये से बढ़ाकर 16,182 रुपये प्रति माह प्रस्तावित है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मजदूरी दर में इस बढ़ोतरी को कामगारों के लिए होली के मौके पर बड़ा तोहफा करार दिया.