चार टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 333 रनों से हरा दिया है. पुणे में 441 रनों का लक्ष्य हासिल करने उतरी भारतीय टीम दूसरी पारी में 107 रनों पर ही ढेर हो गई. ऑस्ट्रेलिया की इस जीत में नये-नवेले माने जा रहे फिरकी गेंदबाज स्टीव ओ कीफ की सबसे बड़ी भूमिका रही जिन्होंने 12 भारतीय बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया.

कुछ लोगों को जानकर हैरानी होगी जब स्टीव ओ कीफ को पुणे टेस्ट के लिए अंतिम ग्यारह खिलाड़ियों में चुना गया तो कई पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने नाराजगी जाहिर की. यहां तक कि ऑस्ट्रेलिया के सबसे कामयाब स्पिन गेंदबाज रहे शेन वार्न ने कप्तान स्टीवन स्मिथ को जमकर फटकार लगाई थी. वार्न का कहना था, ‘मुझे समझ नहीं आता कि आपने लेग स्पिनर मिचेल स्वेपसन और लेफ्ट आर्म स्पिनर एश्टन एगर को क्यों नहीं चुना. आप ने एक ऐसे गेंदबाज को चुना है जिसे खतरनाक गेंदबाजी करने के लिए नहीं जाना जाता है. भारतीय परिस्थितियों में स्वेपसन और एगर ज्यादा कामयाब होते.’

हालांकि, स्टीव ओ कीफ के पिछले आंकड़ों को देखें तो शेन वार्न का नाराज होना जायज लगता है. भारत के खिलाफ नागपुर मैच में 12 विकेट लेने वाले कीफ ने इससे पहले चार टेस्ट ही खेले थे जिनमें उन्हें मात्र 14 विकेट हासिल किए. प्रदर्शन और अनुभव दोनों में ही कीफ़ निराश करते हैं. पिछले दिनों भारत दौरे के लिए चयन के बाद स्टीव ओ कीफ ने खुद अपने चयन पर हैरानी जाहिर की थी. एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा था,’ मेरे लिए श्रीलंका दौरा अंतिम आस थी लेकिन वहां भी सब खराब हो गया, ईमानदारी से कहूं तो भारत दौरे पर मेरे चयन की उम्मीद लगभग न के बराबर थी.’ इस साक्षात्कार में कीफ़ ने यह भी कहा था कि स्पिनरों के लिए स्वर्ग कहे जाने वाले भारत में उनका प्रदर्शन या तो उनका करियर बना देगा या फिर यह उनका अंतिम दौरा साबित होगा.

दरअसल, 32 वर्षीय स्टीव ओ कीफ ने अपने करियर की शुरुआत तीन साल पहले की थी. इन तीन सालों में उन्हें सिर्फ चार टेस्ट मैच ही खेलने को मिले. काफी समय बाद जुलाई 2016 में श्रीलंका के खिलाफ उनका चयन हुआ था, लेकिन वहां भी वे एक टेस्ट मैच खेलने के बाद घायल हो गए. इसके बाद पाकिस्तान के खिलाफ भी उनका टीम में चयन हुआ था लेकिन पूरी सीरीज में उन्हें एक टेस्ट मैच ही खिलाया गया.

विशेषज्ञों का मानना है कि करो या मरो जैसी स्थिति से जूझ रहे स्टीव ओ कीफ के भारतीय टीम को चौंकाने के और भी कई कारण हैं. उनके मुताबिक भारतीय टीम ने कीफ को कम आंक कर बड़ी गलती की जबकि कीफ ने भारत दौरे के लिए चयन के बाद काफी ज्यादा पसीना बहाया. उन्होंने इस दौरे के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम के सलाहकार चुने गए पूर्व भारतीय आल राउंडर श्रीधरन श्रीराम के साथ काफी मेहनत की. भारत दौरे के लिए तैयारियों की वजह से कीफ ने बिगबैश टी-20 लीग में भी खेलने से इनकार कर दिया. बिगबैश में खेलने के बजाय उन्होंने भारत दौरे पर आ चुके ऑस्ट्रेलियाई स्पिनरों के साथ कई हफ्ते बिताए. साथ ही वे भारत दौरे पर आ चुके अन्य देशों के स्पिन गेंदबाजों के भी संपर्क में रहे. उन्होंने भारतीय पिचों पर कामयाब हो चुके श्रीलंकाई स्पिनर रंगना हेराथ और इंग्लैंड के मोंटी पनेसर से भारतीय पिचों पर गेंदबाजी करने के गुर सीखे. हाल ही में खुद मोंटी पनेसर ने एक अखबार को बताया था कि स्टीव ओ कीफ ने भारत दौरे की तैयारी के तहत उनके साथ कई हफ्ते गेंदबाजी की प्रैक्टिस की है.

कुछ जानकार एक और बात भी बताते हैं. उनके मुताबिक भारतीय टीम स्टीव ओ कीफ को भारतीय पिचों पर अनुभवहीन मानकर चल रही थी. लेकिन, वे यह भूल गए कि साल 2015 में कीफ ऑस्ट्रेलिया ए की ओर से भारत दौरे पर आ चुके हैं और उन्होंने इस दौरान विराट कोहली, अजिंक्य रेहाणे, केएल राहुल और चेतेशवर पुजारा के खिलाफ गेंदबाजी भी की थी. दो टेस्ट मैचों की यह सीरीज ऑस्ट्रेलिया ए ने 1-0 से जीती थी और 14 विकेट लेकर कीफ सबसे सफल ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज रहे थे.