अमेरिका में मारे गए भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास कुचिभोतला की विधवा ने अपने पति की मौत को लेकर ट्रंप सरकार से जवाब मांगा है. मृतक की पत्नी सुमयना डुमाला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए अमेरिकी सरकार से पूछा है कि वह इस तरह के नस्लीय अपराधों को रोकने की दिशा में क्या कदम उठाने वाली है. इसी बुधवार को कैंसस शहर में एक अमेरिकी नागरिक ने नस्लीय टिप्पणी करते हुए श्रीनिवास कुचिभोतला की गोली मारकर हत्या कर दी थी.

सुमयना ने भावुक होते हुए कहा, ‘वे इस तरह की मौत के हकदार नहीं थे. दो सप्ताह बाद नौ मार्च को वे अपना 33वां जन्मदिन मनाने वाले थे. हम अखबारों में इस तरह की गोलीबारी की बढ़ती घटनाओं के बारे में पढ़कर हमेशा सोचा करते थे कि क्या हम सुरक्षित हैं. मैं हमेशा इस बात को लेकर आशंकित रहती थी कि क्या अमेरिका में रुकना हमारे लिए सही है. लेकिन वो हमेशा मुझे भरोसा दिलाते थे कि अच्छे लोगों के साथ हमेशा अच्छा होता है.’

उस रात हुई घटना के बारे में बताते हुए सुमयना ने कहा, ‘मेरे पति एक बार में अपने दोस्त के साथ बैठे हुए थे. तभी एक आदमी ने उन पर नस्लभेदी टिप्पणियां करना चालू कर दिया. लेकिन मेरे पति ने उस पर ध्यान नहीं दिया. बार के अधिकारियों ने उस आदमी को वहां से भेज दिया. उस आदमी से विवाद के बाद मेरे पति को वहां से चले जाना चाहिए था लेकिन वे नहीं गए क्योंकि उन्हें लगा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है. उसके बाद वह आदमी वापिस आया और उसने अपनी मन की कसर पूरी कर दी.’

सुमयना का आगे कहना था, ‘उसने हम सभी से एक बहुत प्यारे इंसान को छीन लिया है. उनके मां-बाप समेत हमारे सभी रिश्तेदार गहरे दुख में हैं. मुझे नहीं पता कि उनकी मां को मैं क्या जवाब दूंगी कि आखिर मैं उन्हें क्यों नहीं बचा पायी. इस देश से उन्हें इतना प्यार था कि मैं उनसे कई बार वापिस भारत जाने के लिए कहती थी लेकिन वे इस बात को हमेशा नकार देते थे. मैं हमेशा कहती थी कि हमें यहां से किसी और देश चले जाना चाहिए, लेकिन वे कहते थे कि इंतजार करो सब ठीक हो जाएगा.’

अपने पति की मौत को लेकर सुमयना ने अमेरिकी सरकार से जवाब मांगते हुए कहा, ‘मुझे सरकार से जवाब चाहिए कि वे नस्लीय अपराधों को रोकने की दिशा में क्या कदम उठा रहे हैं? यह सवाल सिर्फ मेरे पति के लिए नहीं है बल्कि हर उन सभी इंसानों के लिए है जिन्होंने इस तरह की घटनाओं में अपने चाहने वालों को खोया है फिर चाहे वे एशियन हो, अफ्रिकन हो या फिर अमेरिकन किसी भी नस्ल के क्यों न हों. जितना मैं अपने पति को जानती थी उससे मुझे लगता है कि सिर्फ न्याय की उम्मीद ही उनकी आखिरी ख्वाहिश होगी.’

श्रीनिवास कुचिभोतला के परिजनों ने इस घटना के लिए सिर्फ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया है. इस हमले में कुचिभोतला के अलावा उनके भारतीय सहकर्मी आलोक मदसानी और बीचबचाव करने वाला अमेरिकी युवक इएन ग्रिलॉट भी घायल हो गए थे. उधर, अमेरिकी सरकार ने इस पूरे मामले पर अफसोस तो जाहिर किया है लेकिन इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता का कहना है कि इस घटना को ट्रंप के बयानों से जोड़ना बेतुकी बात है.

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