दिल्ली के रामजस कॉलेज मामले में एबीवीपी का विरोध करने वालीं गुरमेहर कौर अब भाजपा के निशाने पर आ गई हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा गुरमेहर करगिल युद्ध में शहीद हुए कैप्टन मंदीप सिंह की बेटी हैं. वे तब अचानक चर्चा में आ गईं जब उन्होंने भाजपा समर्थित छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभियान छेड़ दिया. जहां कई लोग इस मुहिम में गुरमेहर का साथ दे रहे हैं वहीं कई बड़े नाम उनके इस कदम की अलग-अलग तरह से आलोचना कर रहे हैं. इस पूरे मामले में गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू की भी प्रतिक्रिया आई है. रिजिजू का कहना है कि एबीवीपी का विरोध करने वाली गुरमेहर विपक्षी दलों से प्रभावित हैं.

मामला क्या था?

बीते बुधवार दिल्ली के रामजस कॉलेज के एक आयोजन में जेएनयू के छात्र उमर खालिद को वक्ता के तौर पर बुलाया गया था. खालिद पर देशद्रोह के आरोप होने के कारण एबीवीपी के छात्रों ने इस कार्यक्रम का विरोध किया था. इस हिंसक विरोध प्रदर्शन में करीब 20 छात्र घायल हुए थे थे. इसके चलते एबीवीपी की काफी निंदा हुई थी. इस घटना के विरोध में गुरमेहर ने फेसबुक और ट्विटर के जरिए एबीवीपी के विरूद्ध मुहिम छेड़ दी. उन्होंने अपने अकाउंट पर एक पोस्ट डाली. इसमें उनकी एक तस्वीर थी जिसमें उन्होंने हाथ में एक तख्ती पकड़ी हुई थी. इस पर लिखा था, ‘मैं डीयू (दिल्ली विश्वविद्यालय) की छात्रा हूं. मैं एबीवीपी से नहीं डरती. मैं अकेली नहीं हूं. मेरे साथ भारत का प्रत्येक विद्यार्थी है.’

इस पोस्ट के वायरल होते ही गुरमेहर की एक दूसरी पोस्ट भी चर्चा में आ गई जिसे उन्होंने बीते साल मई में अपने अकाउंट पर डाला था. इसमें वे हाथ में एक तख्ती लिए भारत-पाकिस्तान से शांति की अपील करती नजर आ रही हैं. इस तख्ती पर लिखा है, ‘मेरे पिता की जान पाकिस्तान ने नहीं बल्कि जंग ने ली थी.’

लोगों की प्रतिक्रियाएं

गुरमेहर की इसी पोस्ट पर किरण रिजिजू ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. रिजिजू का कहना है, ‘कौन इस नौजवान लड़की के दिमाग में गंदगी भर रहा है? एक मजबूत सेना हमेशा जंग को टालती है. भारत ने कभी किसी पर पहले हमला नहीं किया. लेकिन जब भी हमारा देश कमजोर हुआ, इस पर हमेशा आक्रमण हुए.’ रिजिजू के अलावा मैसूर से भाजपा के सांसद प्रताप सिम्हा ने भी इस पोस्ट के लिए गुरमेहर को आड़े हाथों लिया. सिम्हा ने एक तस्वीर को ट्वीट कर कौर की तुलना दाउद अब्राहिम से करते हुए मामले को और तूल दे दिया था.

राजनीति के अलावा क्रिकेट और बॉलीवुड से जुड़े लोग भी इस मामले में चुटकी लेते नजर आए. पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने एक फोटो ट्वीट करते हुए गुरमेहर पर तंज कसा. ‘बैट में है दम’ नाम के साथ इस ट्वीट में सहवाग ने एक फोटो शेयर की थी जिसमें लिखा था, ‘दो बार तिहरे शतक मैंने नहीं बल्कि मेरे बैट ने लगाए थे.’ अभिनेता रणदीप हुड्डा भी सहवाग का समर्थन करते नजर आए. हुड्डा ने ट्वीट किया, ‘यह बेचारी लड़की किसी राजनीतिक मोहरे की तरह इस्तेमाल की जा रही है’.

गुरमेहर के अकाउंट पर और भी लोगों ने प्रतिक्रियाएं दी हैं. इनमें उन्हें देशद्रोही करार दिए जाने से लेकर बलात्कार तक की धमकियां मिल रही हैं.

गुरमेहर का क्या कहना है?

इस पूरे मामले पर एक निजी चैनल से बातचीत के दौरान गुरमेहर ने भावुक होते हुए कहा कि वे किसी पार्टी या विचारधारा के साथ नहीं हैं लेकिन छात्रों के लिए वे हमेशा लड़ती रहेंगी. इस बातचीत में गुरमेहर ने आगे कहा, ‘मुझे सोशल मीडिया पर बहुत सारी धमकियां मिल रही हैं. कई लोग मुझे धमकियां दे रहे हैं और मेरी बात को देशद्रोह बता रहे हैं. जब लोग हिंसा या बलात्कार की धमकी देते हैं तो यह बहुत डरावना होता है. राहुल नाम के एक शख्स ने रेप को लेकर काफी विस्तार से लिखा है जो कि बहुत भयावह है. देशभक्ति के नाम पर अपने देश की महिलाओं को बलात्कार की धमकी देना बिल्कुल गलत है. आप ऐसा नहीं कर सकते.’

खुद को राजनीतिक मोहरा बताने की बात पर भी गुरमेहर ने अपनी आपत्ति जताते हुए रणदीप हुड्डा को रीट्वीट किया है, ‘राजनीतिक मोहरा? मैं सोच सकती हूं. मैं विद्यार्थियों पर हिंसा का समर्थन नहीं करती हूं. इसमें इतना बुरा क्या है?’ उन्होंने दिल्ली महिला आयोग में जाने की बात भी कही है.