अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् यानी एबीवीपी ने अपने दो कार्यकर्ताओं को निष्कासित कर दिया है. उन पर अनुशासन भंग करने का आरोप लगाया गया है. प्रशांत मिश्रा और विनायक शर्मा नाम के इन छात्रों को पुलिस ने रामजस कॉलेज में हुई हिंसा के बाद गिरफ्तार किया था. यह गिरफ्तारी इस हिंसा में घायल हुए आइसा कार्यकर्ताओं की शिकायत पर हुई थी. आइसा से जुड़े छात्रों उत्कर्ष भारद्वाज और राज सिंह ने दिल्ली पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा था कि रामजस कॉलेज में हुए विरोध प्रदर्शन से लौटते समय दोनों आरोपितों ने उनके साथ हाथापाई करते हुए उन्हें जान से मारने की कोशिश की. दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज में पिछले हफ्ते हुई इस हिंसा के बाद मंगलवार को वामपंथी संगठनों के बैनर तले 2000 से ज्यादा लोगों ने विरोध मार्च निकाला था.

एबीवीपी के प्रवक्ता साकेत बहुगुणा ने कहा कि वे इन दोनों छात्रों के कृत्य की निंदा करते हैं और कैंपस में हिंसामुक्त माहौल की वकालत करते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि मामले की अंतरिम जांच की जा रही है जिसके आधार पर बाद में और कदम उठाए जाएंगे. यह मुद्दा सोशल मीडिया पर भी काफी गरमाया हुआ है. माना जा रहा है इसके चलते नैतिक साख बचाने के लिए ही एबीवीपी ने यह कदम उठाया है.