केरल में राजनीतिक हिंसा थमने के बजाय बढ़ती जा रही है. गुरुवार देर रात कोझिकोड में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के दफ्तर पर देसी बम से हमला किया गया. इसमें आरएसएस के चार कार्यकर्ता घायल हो गए. इनमें दो की हालत गंभीर है. सभी घायलों को कोझिकोड के राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी है. इसके बाद कोझिकोड के ही विष्णुमंगल इलाके से सीपीएम कार्यालय में आगजनी की घटना सामने आई. लेकिन इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. इन हमलों के लिए दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को जिम्मेदार बताया है.

इन दोनों घटनाओं की कोई ठोस वजह पता नहीं चल पाई है, लेकिन कल यानी गुरुवार को उज्जैन के आरएसएस के सह—प्रचार प्रमुख डॉ. कुंदन चंद्रावत का विवादित बयान सामने आया था. इस बयान में उन्होंने कहा था कि अगर कोई केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन का सिर काट लाएगा तो उसे एक करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा. उन्होंने मुख्यमंत्री विजयन पर 300 से ज्यादा आरएसएस कार्यकर्ताओं की हत्या करने का आरोप लगाया था. हालांकि आरएसएस ने चंद्रावत के इस बयान से किनारा कर लिया है. संघ के राष्ट्रीय सह—प्रचार प्रमुख जे. नंद कुमार ने बयान की निंदा करते हुए कहा कि संघ हिंसा में भरोसा नहीं करता है.

उधर सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने चंद्रावत के बयान को आरएसएस का असली चेहरा बताया है. उन्होंने पूरे मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाया और केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह ऐसे बयानों को समर्थन देती है.

केरल में काफी समय से आरएसएस—भाजपा तथा और वाम दलों के बीच टकराव का सिलसिला जारी है. बीते महीने संतोष नामक एक भाजपा कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई. मुख्यमंत्री विजयन के कार्यकाल में यह इस तरह का आठवां मामला था.