एयरटेल का बड़ा ऐलान, एक अप्रैल से सारे रोमिंग चार्ज खत्म होंगे | सोमवार, 27 फरवरी 2017

देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी एयरटेल ने एक अप्रैल से हर तरह के रोमिंग शुल्क खत्म करने का ऐलान किया है. कंपनी ने सोमवार को बताया कि अब एक अप्रैल से एयरटेल ग्राहकों को रोमिंग में इनकमिंग कॉल, एसएमएस और डेटा पर कोई चार्ज नहीं देना होगा. अब रोमिंग के समय आउटगोइंग कॉल पर भी कोई प्रीमियम शुल्क नहीं देना होगा.

एयरटेल का यह कदम रिलायंस जियो के आने के बाद शुरू हुए ‘प्राइस वार’ का नतीजा माना जा रहा है. कंपनी का यह भी कहना है कि अंतरऱाष्ट्रीय कॉल दरों में 90 फीसदी तक की कमी की जा रही है. वहीं रोमिंग के दौरान डेटा शुल्क में 99 फीसदी तक की कमी की गई है. कंपनी ने कहा कि उसके इस कदम से नैशनल रोमिंग हमेशा के लिए खत्म होने की राह पर बढ़ चला है. रोमिंग शुल्क खत्म कर देने के बाद कंपनी की राजस्व हिस्सेदारी में 3 से 4 फीसदी तक की कमी आने की संभावना है. अभी एयरटेल के 27 करोड़ ग्राहक हैं.

छह लाख से ज्यादा कंपनियों पर मनी लॉन्ड्रिंग का संदेह, मोदी सरकार रजिस्ट्रेशन रद्द करेगी | मंगलवार, 28 फरवरी 2017

मोदी सरकार केवल कागजों में दर्ज कंपनियों पर नकेल कसने जा रही है. सरकार को इन कंपनियों पर मनी लॉन्ड्रिंग (पैसे को काले से सफेद बनाने का गोरखधंधा) का संदेह है. इनमें से ज्यादातर कंपनियां नियमित रूप से आयकर रिटर्न दाखिल नहीं करतीं, पर नोटबंदी के दौरान इन्होंने बैंकों में बड़ी मात्रा में कैश जमा कराया. इससे इन पर सरकार का संदेह बढ़ गया है. सूत्रों के मुताबिक पर्याप्त सबूत मिलने पर ऐसी कंपनियों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा. मोदी सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से संस्थागत मनी लॉन्ड्रिंग का धंधा बहुत हद तक बंद हो जाएगा.

रजिस्टार आॅफ कंप​नीज के अनुसार इस समय देश में 15 लाख से ज्यादा कंपनियां रजिस्टर्ड हैं. इनमें से 40 फीसदी यानी छह लाख से ज्यादा संदेहास्पद हैं. आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार उन कंपनियों के बारे में जानकारियां जुटाई गई हैं जिन्होंने नोटबंदी के बाद बैंकों में बड़ी राशि जमा कराई है. विभाग का कहना है कि रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के समक्ष रिटर्न फाइल न करने के चलते ये कंपनियां पहले से ही उसकी नजर में थीं. अब सरकार ने इन कंपनियों की जांच के लिए सीबीडीटी यानी केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड समेत कई एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी है.

पश्चिम बंगाल : बच्चों की तस्करी के मामले में कैलाश विजयवर्गीय और रूपा गांगुली का नाम भी आया | बुधवार, 01 मार्च 2017

पश्चिम बंगाल में भाजपा महिला मोर्चा की नेता जूही चौधरी की गिरफ्तारी से उठे भूचाल की आंच पार्टी के कुछ बड़े नेताओं तक भी पहुंचती दिख रही है. जूही चौधरी को सीआईडी ने जलपाईगुड़ी स्थित एक अनाथालय से 17 शिशुओं की तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया है. खबर के मुताबिक जूही चौधरी के खिलाफ कार्रवाई अनाथालय की संचालिका और इस मामले में मुख्य आरोपित चंदना चक्रवर्ती की गिरफ्तारी के बाद की गई. चंदना पर बच्चों को विदेशियों को बेचने का आरोप है. बताया जा रहा है कि सीआईडी पूछताछ में चंदना ने भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और राज्यसभा सांसद रूपा गांगुली के भी इस मामले से जुड़े होने की बात कही है.

खबरों के मुताबिक चंदना का कहना है कि जूही चौधरी पिछले तीन वर्षों से बच्चों की तस्करी में शामिल रही हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अगर इस मामले में कुछ गैर-कानूनी है तो इस बारे में केवल जूही ही जानती हैं. उनका दावा है कि जूही उन्हें दिल्ली लेकर गई थीं और इस दौरान उन्होंने कुछ भाजपा नेताओं से मुलाकात भी की थी. उधर, कैलाश विजयवर्गीय ने तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि उसकी कोशिश पश्चिम बंगाल में भाजपा की छवि खराब करने की है. विजयवर्गीय ने चंदना चक्रवर्ती को जानने की बात से इनकार किया है. जूही चौधरी से उन्होंने सिर्फ एक बार मुलाकात होने की बात कही है. दूसरी ओर, रूपा गांगुली ने इस मामले में अपना नाम आने पर चंदना को पागल बताया है.

संघ के पदाधिकारी का ऐलान, केरल के मुख्यमंत्री का सिर काटने वाले को एक करोड़ रुपये ईनाम दूंगा | गुरुवार, 02 मार्च 2017

मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक पदाधिकारी ने केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन का सिर कलम करने वाले को इनाम देने की घोषणा की है. इंडिया टुडे की एक खबर के अनुसार उज्जैन में आरएसएस के प्रचार प्रमुख डॉ कुंदन चंद्रावत ने कहा कि वे मुख्यमंत्री विजयन का सिर लाने वाले व्यक्ति को अपनी संपत्ति बेचकर एक करोड़ रुपये का ईनाम देंगे. उज्जैन के शहीद पार्क में जिस कार्यक्रम में उन्होंने यह घोषणा की उसमें सांसद चिंतामणि मालवीय और विधायक मोहन यादव जैसे कई नेता मौजूद थे.

डॉ चंद्रावत ने आरएसएस और भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या के लिए केरल की वाम सरकार को जिम्मेदार बताया. पिछले काफी समय से केरल में राजनीतिक हत्याओं के मामले बढ़ गए हैं. बीते महीने भाजपा कार्यकर्ता संतोष की हत्या मुख्यमंत्री विजयन के कार्यकाल में सामने आई इस तरह की आठवीं घटना थी. मुख्यमंत्री पी विजयन ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि संघ परिवार ने कइयों के सिर काटे हैं. सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी ने भी इस बयान की निंदा की है.

सेना में अर्दली व्यवस्था पर सवाल उठाने वाले सैनिक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत | शुक्रवार, 03 मार्च 2017

सेना में जवानों को अधिकारियों के ‘सहायक’ अर्दली के रूप में तैनात करने की व्यवस्था पर सवाल उठाने वाले जवान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक गुरुवार को महाराष्ट्र की देओलाली छावनी में तैनात जवान रॉय मैथ्यू का शव एक बैरक की छत से लटका पाया गया. मैथ्यू का शव पूरी तरह सड़ चुका था. डॉक्टरों का कहना है कि उनकी मौत तीन दिन पहले ही हो गई थी. लगभग 13 साल से सैन्य सेवा दे रहे गनर रॉय मैथ्यू देओलाली में एक कर्नल रैंक के अधिकारी के सहायक के तौर पर तैनात थे.

मैथ्यू बीते महीने एक न्यूज वेबसाइट पर प्रसारित उस स्टिंग ऑपरेशन में अन्य जवानों के साथ दिखाई दिए थे, जिसमें जवानों को अधिकारियों के कुत्ते टहलाते और बच्चों को स्कूल छोड़ते दिखाया गया था. इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए वीडियो में मैथ्यू ने अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था. यह वीडियो सामने आने के बाद सेना में जारी ब्रिटिशकालीन अर्दली व्यवस्था की आलोचना शुरू हो गई थी. रिपोर्ट के मुताबिक इस घटना के बाद मैथ्यू 25 फरवरी से लापता हो गए थे. सूत्रों का यह भी कहना है कि इस स्टिंग ऑपरेशन को लेकर कई अधिकारियों ने मैथ्यू से पूछताछ की थी और वे काफी दबाव में थे.

जीएसटी कानून के जुलाई से लागू होने की उम्मीद बढ़ी, जीएसटी परिषद ने मसौदे को मंजूरी दी | शनिवार, 04 मार्च 2017

केंद्रीय जीएसटी और एकीकृत जीएसटी कानून के अंतिम मसौदे को जीएसटी परिषद ने मंजूरी दे दी है. वहीं राज्य जीएसटी कानून के मसौदे को भी जल्द ही मंजूरी मिलने की संभावना है. शनिवार को जीएसटी परिषद की बैठक में जीएसटी के अन्य पूरक विधेयकों को भी अंतिम रूप दे दिया गया. इसके साथ ही जीएसटी के एक जुलाई से लागू होने की संभावना काफी बढ़ गई है.

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पत्रकारों को बताया कि जीएसटी परिषद ने सीजीएसटी और आईजीएसटी कानून के अंतिम मसौदे को आज मंजूरी दे दी है. उन्होंने कहा, ‘राज्य जीएसटी कानून के मसौदे को भी जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी. यह विधेयक राज्यों की विधानसभाओं द्वारा अनुमोदित किया जाएगा.’ अब परिषद की ओर से मंजूर इन विधेयकों को अगले हफ्ते से शुरू हो रहे बजट सत्र के दूसरे हिस्से के दौरान संसद में पेश किया जाएगा. जीएसटी परिषद की अगली बैठक 16 मार्च को होगी, जिसमें बाकी विषयों पर चर्चा की जाएगी.