2015 में विधानसभा चुनाव खत्म होने के 18 महीने बाद भी बिहार को 1.25 लाख करोड़ रुपये की उस रकम का इंतजार है जिसका ऐलान खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. हिंदुस्तान टाइम्स की एक खबर के मुताबिक यह बात सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत वित्त मंत्रालय से मांगी गई एक जानकारी में सामने आई है. प्रधानमंत्री मोदी ने 18 अगस्त 2015 को आरा में हुई एक रैली में राज्य को यह रकम देने की घोषणा की थी.

मुंबई स्थित आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गालगली ने बताया, ‘मंत्रालय के जवाब में कहा गया है कि बिहार के लिए मंजूर की गईं परियोजनाओं को कई चरणों में पूरा किया जाना है. इस वजह से परियोजनाओं के लिए अभी तक एक भी पैसा जारी नहीं किया गया है.’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा राज्य को फंड देने का वादा करने के बाद भी इसे पूरा नहीं करना शर्म की बात है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सवा लाख करोड़ रुपये के पैकेज का यह ऐलान राजनीतिक विवाद का मुद्दा बन गया था. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने इस ऐलान के तरीके पर सवाल उठाया था. प्रधानमंत्री ने रैली में लोगों से पूछा था, ‘कितने कर दूं? 50 हजार करोड़ या ज्यादा करूं? 60 हजार? 70 हजार?’ इस तरह आखिर में उन्होंने राज्य को 1.25 लाख करोड़ रुपये देने का ऐलान किया था.