अजमेर स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में हुए धमाके के मामले में स्वामी असीमानंद सहित छह आरोपितों के बरी होने की खबर को आज सभी अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. खबरों के मुताबिक जयपुर स्थित राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने इस मामले में तीन आरोपितों भवेश पटेल, सुनील जोशी और देवेंद्र गुप्ता को दोषी पाया है. इनमें से सुनील जोशी की मौत हो चुकी है. दोषियों को सजा सुनाने के लिए 16 मार्च की तारीख तय की गई है.

बीसीसीआई ने टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली को सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के लिए पाली उमरीगर पुरस्कार से नवाजा है. कोहली के साथ फिरकी गेंदबाज आर अश्विन को साल 2016 में वेस्टइंडीज के साथ टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन के लिए सीके नायडू पुरस्कार दिया गया. यह खबर भी आज के अखबारों के खेल पन्ने पर है. इसके अलावा आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में आर अश्विन और रविंद्र जडेजा के शीर्ष पायदान पर काबिज होने की खबर को भी आज के अखबारों ने प्रमुखता से छापा है. यह रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर कब्जा करने वाली स्पिनरों की पहली जोड़ी बन गई है.

आलू की बंपर पैदावार के बाद कीमत कम होने से किसान मुश्किल में

उत्तर प्रदेश और पंजाब में आलू की भारी पैदावार की वजह से इसकी कीमत में 50 फीसदी तक गिरावट आ गई है. अमर उजाला की एक रिपोर्ट के मुताबिक इसकी वजह से देशभर में आलू उपजाने वाले किसान मुश्किल में हैं. बताया जाता है कि किसानों की खेती की लागत भी नहीं निकल पा रही है. दिल्ली की आजादपुर मंडी में आलू की थोक कीमत 420 रुपये प्रति क्विंटल है. वहीं, पंजाब के जालंधर में यह 200 रुपये प्रति क्विंटल से भी नीचे आ गई है.

अखबार ने कृषि मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से कहा है कि पिछले साल की तुलना में इस बार 22 फीसदी अधिक आलू उत्पादन का अनुमान है. दिल्ली की आजादपुर मंडी के एक थोक व्यापारी के मुताबिक व्यापारियों द्वारा आलू की खरीदारी नहीं करने की वजह से किसानों की हालत खराब है. साथ ही, आलू रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज पहले से ही भरे हुए हैं. ऐसे में बिचौलियों की बहार बताई जा रही है जो किसानों से 200-300 रु प्रति क्विंटल की दर से आलू उठाकर उसे दोगुनी-तिगुनी कीमत पर बेच रहे हैं.

न्यूनतम बैलेंस न रखने पर पेनाल्टी 11 करोड़ जन-धन खाते के बोझ को उठाने के लिए है : एसबीआई

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने खाते में न्यूनतम बैलेंस नहीं रखने और तय सीमा से अधिक नकदी लेन-देन पर लगने वाली पेनाल्टी पर अपनी सफाई दी है. द इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित खबर के मुताबिक एसीबीआई की अध्यक्ष अरुंधति भट्टाचार्य ने कहा है कि ऐसा 11 करोड़ जन-धन खातों के बोझ को उठाने के लिए जरुरी है. उन्होंने आगे कहा, ‘अन्य बैंकों की तुलना में न्यूनतम बैलेंस के तहत हमारे यहां तय रकम कम है. एसीबीआई अकेला बैंक था जिसने 2012 में न्यूनतम बैलेंस का प्रावधान हटा लिया था.’

अरुंधति भट्टाचार्य ने आगे कहा, ‘हमारे विश्लेषण में यह बात सामने आई है कि अधिकांश ग्राहक अपने खाते में न्यूनतम 5,000 रुपये प्रतिमाह रखते हैं. इसे देखते हुए उन्हें पेनाल्टी के बारे में चिंता करने की जरुरत नही है.’ खबर है कि देश के सबसे बड़े वाणिज्यिक बैंक को सरकार ने इस फैसले पर फिर से विचार करने के लिए कहा हैं. उधर, एसबीआई के प्रबंध निदेशक (नेशनल बैंकिंग) रजनीश कुमार ने बताया कि सरकार की ओर से इस बारे में कोई औपचारिक निर्देश नहीं मिला है.

मार्च लूटपर वित्त मंत्रालय सख्त, अधिकतम 15 फीसदी रकम खर्च करने का निर्देश

केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष के आखिरी महीने यानी मार्च में विभागों द्वारा अधिक से अधिक फंड खर्च करने की प्रवृत्ति पर सख्त रुख अपनाया है. दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर के मुताबिक मंत्रालय ने विभागों से कहा है कि इस महीने 15 फीसदी से अधिक राशि खर्च न की जाए. साथ ही, आय और खर्च का दैनिक ब्यौरा भी अपडेट करने का आदेश दिया गया है. वित्त मंत्रालय ने विभागों से खर्च का ब्यौरा सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन तंत्र (पीएफएमएस) पोर्टल पर 20 मार्च तक भेजने के लिए कहा है.

अखबार के मुताबिक जनवरी से मार्च के बीच बजटीय आवंटन में से 33 फीसदी रकम खर्च की जा सकती है. इसके अलावा पूरे मार्च महीने के दौरान वित्त मंत्रालय का व्यय विभाग बजट विभाग को चालू वित्त वर्ष के संबंध में राजस्व वसूली और व्यय के बारे में आंकड़े उपलब्ध करवाता है. विभागों के अलावा मंत्रालय ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड और केंद्रीय उत्पाद और सीमा शुल्क बोर्ड को भी कर संग्रह के आंकड़े रोजाना अपडेट करने के लिए कहा गया है.

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए फंड देने का आदेश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए फंड देने का आदेश दिया है. द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक इसका उद्देश्य अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को असम आने से रोकना है. न्यायाधीश रंजन गोगोई और आरएफ नरीमन की पीठ ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए इस संबंध में सरकार से रिपोर्ट भी तलब की है. अदालत में एडीशनल सॉलिसिटर जनरल पीएस पटवालिया ने बताया कि इस संबंध में कुछ टेंडरों को पूरा कर लिया गया है और सीमा पर बाड़ लगाने के आदेश भी जारी किए जा चुके हैं. शीर्ष अदालत में में यह याचिका साल 2012 और 2014 के दंगों के बाद दायर की गई थी.

आज का कार्टून

कई रिपोर्टों के मुताबिक देश में प्रदूषण की वजह से हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है. केंद्र सरकार इन आंकड़ों को मानने से इनकार करती रही है. इस मुद्दे पर द टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित आज का कार्टून :