भारत की ओर से पहले चंद्र अभियान पर भेजे गए अंतरिक्षयान ‘चंद्रयान-1’ को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने ढूंढ लेने का दावा किया है. नासा ने बताया है कि यह यान अभी पृथ्वी से 3.8 लाख किलोमीटर दूर है और चंद्रमा की सतह से करीब 200 किलोमीटर की ऊंचाई से उसकी परिक्रमा कर रहा है. इसके साथ ही नासा ने अपने लापता यान ‘एलआरओ’ को भी खोज निकालने की घोषणा की है.

भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने चंद्रयान को अक्टूबर 2008 में लॉन्च किया था. करीब 10 महीने सेवाएं देने के बाद अगस्त 2009 में इसका इसरो के नियंत्रण कक्ष से संपर्क हमेशा के लिए टूट गया था. नासा ने बताया है कि उसकी कैलिफोर्निया स्थित जेट प्रोपल्सन प्रयोगशाला (जेपीएल) ने इसे खोजा है. जेपीएल की टीम ने इसका पता लगाने के लिए 70 मीटर लंबे एंटीना और माइक्रोवेव की शक्तिशाली तरंगों का इस्तेमाल किया था.