उत्तर प्रदेश

साल 2014 के आम चुनाव के प्रदर्शन को दोहराते हुए भाजपा ने राज्य की कुल 403 में से 312 सीटों पर अपना परचम लहराया है. सत्ताधारी समाजवादी पार्टी (सपा) को 47 और उसकी सहयोगी कांग्रेस को यहां केवल सात सीटें ही मिल पाई हैं. चुनाव में सबसे करारी हार का सामना बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को करना पड़ा है. वह केवल 19 सीटों पर ही अपनी जीत दर्ज कर पाई है.

स्रोत : चुनाव आयोग
स्रोत : चुनाव आयोग

उत्तर प्रदेश में वोट हासिल करने के लिहाज से भी देखें तो भाजपा अन्य पार्टियों के मुकाबले काफी आगे है. पार्टी को कुल मतों के 39.7 फीसदी हासिल हुए हैं. इसके बाद बसपा को 22.2 फीसदी और सपा को 21.8 फीसदी मत मिले हैं. कांग्रेस को राज्य में केवल 6.2 फीसदी वोट ही हासिल हुए हैं.

उत्तराखंड

राज्य में भाजपा ने सत्ताधारी कांग्रेस को करारी मात दी है. पार्टी ने कुल 70 में से 57 सीटों पर जीत हासिल की है और एक सीट पर वह आगे चल रही है. दूसरी ओर, कांग्रेस को केवल 11 सीटें हासिल हो पाई हैं. दो सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों के हिस्से में आई हैं.

उत्तराखंड में भाजपा को सबसे ज्यादा 46.5 फीसदी मत मिले हैं जबकि कांग्रेस 33.5 फीसदी वोट अपनी ओर खींचने में सफल रही है. बसपा ने भी यहां सात फीसदी वोट हासिल किये हैं.

पंजाब

राज्य में कांग्रेस ने सत्ता-विरोधी लहर का फायदा उठाते हुए कुल 117 सीटों में से 77 सीटों पर जीत हासिल की है. उधर, दिल्ली के बाद पंजाब में सत्ता हासिल करने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी यहां मुख्य विपक्षी दल के रूप में सामने आई है. राज्य में सबसे बड़ा झटका सत्ताधारी अकाली दल-भाजपा गठबंधन को लगा है. यहां अकाली दल को केवल 15 और भाजपा को तीन सीटें हासिल हुई हैं.

स्रोत : चुनाव आयोग
स्रोत : चुनाव आयोग

पंजाब में कांग्रेस को सबसे ज्यादा 38.5 फीसदी वोट हासिल हुए हैं. इसके बाद अकाली दल को 25.5 और आप को 23.7 फीसदी मत हासिल हुए हैं. भाजपा के हिस्से में यहां सिर्फ 5.4 फीसदी मत आ पाए हैं.

गोवा

राज्य की जनता ने यहां किसी भी पार्टी को सरकार बनाने के लिए स्पष्ट बहुमत नहीं दिया है. कांग्रेस को यहां 40 में से सबसे ज्यादा 17 सीटें मिली हैं. इसके बाद भाजपा को 13, महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमएजी) को तीन और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को एक सीट हासिल हुई है.

स्रोत : चुनाव आयोग
स्रोत : चुनाव आयोग

राज्य में सीटों के मामले में भाजपा भले ही दूसरे पायदान पर हो लेकिन अन्य पार्टियों की तुलना में इसे वोट सबसे अधिक मिले हैं. भाजपा को 32.5 फीसदी वोट हासिल हुए हैं और कांग्रेस को 28.4 फीसदी. इसके बाद महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी को 11.3 फीसदी मत हासिल हुए हैं.

मणिपुर

राज्य में सत्ता-विरोधी लहर के बीच कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में तो उभरी, लेकिन फिर से सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा नहीं छू पाई है. राज्य की कुल 60 में से पार्टी को 28 सीटें हासिल हुई हैं जो बहुमत से तीन कम हैं. इसके बाद भाजपा 21 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी है. नगालैंड पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) और नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) को चार-चार सीटें हासिल हुई हैं.

स्रोत : चुनाव आयोग
स्रोत : चुनाव आयोग

राज्य में सीटों के लिहाज से भाजपा भले ही दूसरी सबसे बड़ी पार्टी हो लेकिन मतों के हिसाब से वह यहां की पार्टी बन गई है. पार्टी को 36.3 फीसदी मत मिले हैं. इसके बाद कांग्रेस 35.1 फीसदी और नगालैंड पीपल्स फ्रंट 7.2 फीसदी वोट अपनी ओर खींचने में सफल रहे हैं.