पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नई दिल्ली में हुए रोडशो और भाजपा मुख्यालय में उनके अभिनंदन समारोह की खबरों को आज करीब सभी अखबारों ने पहले पन्ने पर तस्वीर के साथ जगह दी है. अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने 2022 तक नए भारत का सपना सामने रखने के साथ लोगों से इसके लिए आशीर्वाद की मांग की. उन्होंने कहा, ‘सरकार सबकी, सभी के लिए और सबको साथ लेकर चलने के लिए होती है. सरकार को कोई भेदभाव करने का हक नहीं है.’

गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा द्वारा भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने की भी खबर आज के अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. राज्यपाल ने मनोहर पर्रिकर को शपथ लेने के बाद 15 दिनों के भीतर बहुमत साबित करने के लिए कहा है. इससे पहले भाजपा ने पर्रिकर के नेतृत्व में अगली सरकार बनाने का दावा पेश किया था. पर्रिकर ने रक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है. पंजाब में कांग्रेस की ओर से कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सरकार बनाने का दावा पेश किया है. रविवार दोपहर कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई,​ जिसमें उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुन लिया गया.

बसपा प्रमुख मायावती के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी करने वाले दयाशंकर सिंह की भाजपा में वापसी की खबर को भी आज अखबारों ने प्रमुखता से छापा है. खबर के मुताबिक उन्हें पार्टी से छह साल के लिए निलंबित किया गया था लेकिन करीब आठ महीने बाद ही पार्टी में वापस बुला लिया गया है. दयाशंकर की पत्नी स्वाति सिंह ने लखनऊ की सरोजनीनगर सीट से जीत हासिल की है.

उत्तर प्रदेश चुनाव के नतीजों के बाद आर्थिक सुधारों के तेज होने की उम्मीद

उत्तर प्रदेश में भारी जीत हासिल करने के बाद मोदी सरकार अब अहम आर्थिक सुधारों पर अपनी गति तेज कर सकती है. द इंडियन एक्सप्रेस ने इसे मुख्य पृष्ठ पर जगह दी है. अखबार ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के एक अधिकारी के हवाले से कहा है कि नोटबंदी के बाद आए चुनाव नतीजे इस बात के संकेत हैं कि जनता सरकार से कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदमों की उम्मीद कर रही है. इन कदमों में बैंकों के फंसे हुए कर्ज (एनपीए) और सार्वजनिक कंपनियों के विनिवेश का भी मुद्दा शामिल है.

अखबार ने कई आर्थिक मामलों के जानकारों के हवाले से कहा है कि सुधारों को और तेज किया जाएगा. नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पानगढ़िया ने कहा है कि उत्तर प्रदेश का जनादेश विकास और सुशासन के लिए है. उन्होंने आगे कहा, ‘मैं उम्मीद करता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो वादा किया था, उसे सुधारों के जरिए गरीबों तक पहुंचाया जा सकेगा.’

पार्टिसिपेटरी नोट (पी-नोट) के दुरुपयोग पर सरकार का सख्त रुख

पार्टिसिपेटरी नोट (पी-नोट) के दुरुपयोग पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है. बिजनेस स्टैंडर्ड में छपी एक खबर के मुताबिक सेबी की ओर से जारी नियमों के उल्लंघन में करीब 600 पी-नोट उपयोगकर्ता शामिल हो सकते हैं. मई, 2016 में सेबी ने पी-नोट के लिए ‘अपने ग्राहकों को जानें’ और धनशोधन निरोधक नियमों को सख्त कर दिया था. साथ ही, उसने इसे एक विदेशी निवेशक से दूसरे को हस्तांतरित करने पर भी रोक लगा दी थी.

अखबार के मुताबिक पी-नोट के दुरुपयोग का मामला सुप्रीम कोर्ट द्वारा कालेधन पर विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन के बाद सामने आया. साथ ही, नोटबंदी के दौरान भी इसके जरिए कालेधन को सफेद किए जाने की बात सामने आई थी. पी-नोट्स (ऑफशोर डेरिवेटिव्स इंस्ट्रूमेंट-ओडीआई) के जरिए विदेशी निवेशक सेबी में पंजीकरण किए बिना ही शेयर बाजार में हिस्सा ले सकते हैं.

अमेरिका : ट्रंप प्रशासन ने भारतीय-अमेरिकी अटॉर्नी प्रीत भरारा को पद से बर्खास्त किया

अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने भारतीय-अमेरिकी अटॉर्नी प्रीत भरारा को पद से बर्खास्त कर दिया है. दैनिक जागरण में छपी खबर के मुताबिक उन्हें पद से इस्तीफा देने से इनकार किए जाने के बाद शनिवार को बर्खास्त किया गया. प्रीत भरारा न्यूयार्क के दक्षिणी जिला अदालत में अटॉर्नी के पद पर थे. उन्होंने इसकी जानकारी ट्वीट करके दी. उन्होंने कहा, ‘मैंने इस्तीफा नहीं दिया. कुछ समय पहले मुझे बर्खास्त किया गया.’

अखबार के मुताबिक अटॉर्नी जनरल जेफ सेशन्स ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा नियुक्त 46 अटॉर्नी से इस्तीफे की मांग की थी. इनमें से कइयों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. ट्रंप प्रशासन ने अभी तक जिला अटार्नी के लिए प्रत्याशियों का चुनाव नहीं किया है. साथ ही, विदेश और रक्षा विभाग में भी यह पद खाली है.

उत्तर प्रदेश : मुख्यमंत्री पद के लिए केशव प्रसाद मौर्य और मनोज सिन्हा का नाम सबसे ऊपर

भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने केशव प्रसाद मौर्य और मनोज सिन्हा का नाम उत्तर प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे ऊपर रखा है. द इकनॉमिक टाइम्स ने इसे पहले पन्ने पर जगह दी है. अखबार ने पार्टी सूत्रों के हवाले से कहा है कि केंद्रीय दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा के पक्ष में उनका बेदाग और प्रशासनिक अनुभव होना शामिल है. दूसरी ओर, केशव प्रसाद मौर्य को चुनाव के दौरान गैर-यादव पिछड़े वर्ग को भाजपा के साथ लाने का श्रेय जाता है.

हालांकि, अखबार ने साफ किया है कि मुख्यमंत्री पद के लिए दोनों के नामों के अलावा भी किसी तीसरे नाम को अचानक से सामने लाया जा सकता है. पार्टी शीर्ष नेतृत्व ऐसे नाम को वरीयता दे सकता है जो साफ शासन देने के साथ प्रशासनिक जटिलता को भी संभाल सके. खबरों के मुताबिक मुख्यमंत्री के नाम पर गुरुवार को फैसला हो सकता है.

आज का कार्टून

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की अहम भूमिका पर द हिंदू में प्रकाशित आज का कार्टून :