सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद मंगलवार को ही मनोहर पर्रिकर ने गोवा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है. राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. मुख्यमंत्री के अलावा नौ और मंत्रियों ने पद की शपथ ली है.

राज्य में ‘किंगमेकर’ बनकर उभरी गोवा फॉरवर्ड पार्टी के सभी तीन विधायकों को मंत्री बनाया गया है. महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के तीन में से दो विधायकों को मंत्री बनाया गया है. सरकार गठन में अहम योगदान देने वाले तीन में से दो निर्दलीय विधायक भी मंत्री बन गए हैं. 2003 में बने एक कानून के अनुसार गोवा सहित तीन छोटे राज्यों में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 12 विधायक ही मंत्री बन सकते हैं. यानी पर्रिकर मंत्रिमंडल में अभी भी दो और मंत्री शामिल किए जा सकते हैं.

सुप्रीम कोर्ट का शपथ ग्रहण रोकने से इनकार

इससे पहले मंगलवार की सुबह सुप्रीम कोर्ट ने मनोहर पर्रिकर के शपथ ग्रहण पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. हालांकि शीर्ष अदालत ने उन्हें दो दिन में यानी 16 मार्च को सदन में बहुमत साबित करने का आदेश दिया.

कांग्रेस पार्टी ने गोवा में सरकार बनाने की भाजपा की कोशिश रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी. इसमें उसने मांग की थी कि भाजपा नेता मनोहर पर्रिकर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से रोका जाए. पार्टी ने दावा किया था कि उसके पास राज्य में बहुमत है और सरकार बनाने का मौका उसे मिलना चाहिए. लेकिन अदालत ने मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान ये मांग और दावे दोनों ही खारिज कर दिए.

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान उल्टा कांग्रेस से ही सवाल पूछ लिए. सबसे अहम सवाल तो यही था कि पार्टी ने याचिका में विधायकों के समर्थन का आंकड़ा क्यों नहीं दिया. अदालत ने यह भी पूछा कि उस वक्त कांग्रेस कहां थी जब पर्रिकर ने सरकार बनाने का दावा पेश किया. कांग्रेस के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि राज्य में सबसे बड़े दल के तौर पर उभरने के बाद भी राज्यपाल ने सरकार गठन पर पार्टी की राय नहीं ली. इस पर अदालत ने साफ कर दिया कि सरकार बनाने के लिए न्योता देना राज्यपाल का विशेषाधिकार है. पूर्व अटॉर्नी जनरल हरीश साल्वे ने इस मामले में सरकार की दलीलें पेश कीं.

राज्य में त्रिशंकु विधानसभा बनी

फरवरी में हुए चुनाव के परिणाम 11 मार्च को आए हैं. इसमें कांग्रेस 17 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी. भाजपा को 13 सीटें मिली हैं. लेकिन महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी), गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) के तीन-तीन और तीन ही निर्दलीय विधायकों के भरोसे भाजपा ने दावा किया कि उसके पास बहुमत के लिए जरूरी 21 से एक ज्यादा यानी 22 विधायकों का समर्थन है. इसके बाद रविवार को उसने सरकार बनाने का दावा पेश किया और राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने पर्रिकर को नए मुख्यमंत्री के तौर पर नियुक्त भी कर दिया. उन्होंने नई सरकार को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का वक्त दिया था. हालांकि शीर्ष अदालत के आदेश के बाद अब पर्रिकर सरकार को गुरुवार को ही सदन में शक्ति परीक्षण से गुजरना होगा.