गोवा की मनोहर पर्रिकर सरकार ने विश्वासमत हासिल कर लिया है. गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान पर्रिकर सरकार ने सदन में विश्वास मत पेश किया. इसके समर्थन में 22 वोट पड़े और विरोध में 16. 40 सदस्यों की संख्या वाले सदन में बहुमत साबित करने के लिए 21 वोटों की जरूरत थी. कांग्रेस के विधायक विश्वजीत राणे ने मतदान का बहिष्कार किया.

गोवा में हाल में हुए चुनावों में कांग्रेस 17 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी. हालांकि 13 सीटें जीतने के बावजूद भाजपा ने गोवा फॉरवर्ड पार्टी (3), महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (3) और निर्दलीयों (3) का समर्थन हासिल कर लिया. इसके बाद राज्यपाल ने पार्टी को सरकार बनाने का न्यौता दिया था. मनोहर पर्रिकर ने केंद्र में रक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देते हुए चौथी बार गोवा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.

61 वर्षीय पर्रिकर ने मंगलवार को शपथ लेने के बाद भरोसा जताया था कि उनकी सरकार स्थिर होगी और पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी. उन्होंने कहा था, ‘सबको साफ कर दूं कि यह सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी.’ उनका कहना था, ‘मैं सहमत हूं कि जनादेश खंडित है, लेकिन अगर खंडित जनादेश का हर खंड एक साथ आता है तो हम 22 हो जाएंगे.’ विश्वास मत हासिल करने के बाद उन्होंने कहा, ‘हमने किसी विधायक को किसी होटल में नहीं रखा, किसी रिजॉर्ट में नहीं रखा. सभी ने अपनी मर्जी से मत दिया है.’