उत्तर प्रदेश में दो दशक से ज्यादा समय बाद भाजपा की जबरदस्त वापसी से उत्साहित एक पार्टी विधायक ने देवबंद का नाम बदलने की मांग रखी है. द इकनॉमिक टाइम्स के मुताबिक सहारनपुर की देवबंद सीट से जीते भाजपा विधायक बृजेश सिंह ने कहा है कि देवबंद का नाम ‘देववृंद’ किया जाए. उनके मुताबिक देवबंद का महाभारतकालीन नाम देववृंद ही था, जिसे यहां दारुल उलूम बनने के बाद बदल दिया गया था. बृजेश सिंह का दावा है कि महाभारत के दौरान पांडवों ने इसी इलाके में अपना एक साल का अज्ञातवास पूरा किया था.

भाजपा विधायक का यह भी कहना था कि यह हिंदू बनाम मुस्लिम जैसा मामला नहीं है. उनके मुताबिक आसपास के गांव इसके प्रमाण हैं कि यह महाभारतकालीन जगह है. अपने गांव जोदड़ाजत का उदाहरण देकर उन्होंने कहा कि उनका गांव उस रणखंडी इलाके का हिस्सा है जहां से महाभारत युद्ध शुरू हुआ था. उन्होंने यह भी कहा कि इसके पास के जक्षवाला गांव का मूल नाम यक्षवाला था और यह वही जगह है जहां पांडवों के सबसे बड़े भाई युधिष्ठिर से यक्ष के प्रश्नों का जवाब दिया था.

इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने की बात करते हुए भाजपा विधायक ने कहा कि महाभारतकालीन किसी जगह का नाम महज एक शिक्षण संस्थान के नाम पर क्यों होना चाहिए. उन्होंने आगे कहा, ‘दारुल उलूम देवबंद, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी की तरह महज एक विश्वविद्यालय है. यहां इसके अलावा भी बहुत कुछ है. अगर गुड़गांव का नाम बदलकर गुरुग्राम हो सकता है तो देवबंद का नाम देववृंद क्यों नहीं?‘

बृजेश सिंह ने देवबंद सीट पर सपा और बसपा के दो मुस्लिम उम्मीदवारों को हराया है. हालांकि, मुस्लिम मतदाताओं का वोट मिलने के सवाल पर उनका कहना था कि सामान्य तौर पर मुस्लिमों ने उन्हें वोट नहीं दिया है, लेकिन तीन तलाक के मुद्दे पर उन्हें मुस्लिम महिलाओं का समर्थन जरूर मिला है.