उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भाजपा की अप्रत्याशित जीत ने विपक्षी दलों के सामने करो या मरो की स्थिति पैदा कर दी है. खास तौर पर कांग्रेस के भीतर न केवल अपना संगठन सुधारने, बल्कि भाजपा से लड़ने के लिए अन्य दलों से हाथ मिलाने की मांग तेज हो गई है. हालांकि, बिहार की तर्ज पर राष्ट्रीय स्तर पर महागठबंधन बनाने की संभावना को लेकर केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला किया है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक उन्होंने कहा, ‘सौ लंगड़े मिलकर भी एक पहलवान नहीं बन सकते.’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दल एकजुट होकर उनके मजबूत नेतृत्व के सामने नहीं टिक सकते हैं.

इससे पहले गुरुवार को वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मणिशंकर अय्यर ने पार्टी में सांगठनिक सुधार के अलावा अन्य दलों को जोड़ने की जरूरत बताई थी. 2019 में भाजपा के लड़ने के लिए महागठबंधन जैसी कवायद का समर्थन करते हुए एएनआई से बातचीत में उन्होंने यह भी कहा था कि कोई मूर्ख ही होगा जो नरेंद्र मोदी को अकेले हराने की सोचेगा.

उधर, जदयू नेता संजय सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सभी विपक्षी दलों के एकजुट होने की जरूरत बताई है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक उन्होंने कहा, ‘नरेंद्र मोदी का विकल्प तैयार करने के लिए सभी दलों को एकजुट होना चाहिए और यह विकल्प नीतीश कुमार होंगे.’ वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता माजिद मेनन ने भाजपा को रोकने के लिए विपक्ष को अपनी स्थिति जांचने की सलाह दी है. उनका कहना है कि जब पूरा देश और विपक्ष मोदी के करिश्मे को खत्म होने के बारे में सोच रहा था, तब वे ज्यादा मजबूत नेता बनकर उभरे हैं.