क्या दर्द के लिए ली गई एक आम गोली दिल के दौरे यानी हार्ट अटैक की वजह बन सकती है? एक नया अध्ययन तो कुछ यही बताता है. कार्डियोवैस्क्युलर फार्माकोथेरेपी नाम की एक प्रतिष्ठित पत्रिका में छपे इस अध्ययन में कहा गया है कि दर्दनिवारक दवाएं (पेनकिलर्स) दिल के दौरे का खतरा बढ़ा सकती हैं.

आइब्यूप्रोफेन जैसे कई पेनकिलर्स डॉक्टर के पर्चे के बिना भी आराम से खरीदे जा सकते हैं. दर्द शांत करने वाली ऐसी दवाओं की श्रेणी को नॉन स्टेरॉयडल एंटी इन्फ्लेमेटरी ड्रग्स (एनएसएड्स) कहा जाता है. अध्ययन के मुताबिक इन दवाओं से दिल के दौरे का खतरा 31 फीसदी तक बढ़ता देखा गया है.

एनएसएड्स के इस्तेमाल और दिल के दौरे के बीच संबंध को जांचने के लिए शोधकर्ताओं ने डेनमार्क में 28,947 मरीजों का अध्ययन किया. इन सभी मरीजों को दिल का दौरा पड़ा था. रिसर्च टीम ने इनका इतिहास खंगाला. उन्होंने पाया कि इनमें से 3376 ऐसे थे जिन्होंने दिल के दौरे से पहले दर्दनिवारक दवाएं खाई थीं. कई मरीजों ने एक महीने तक इनका सेवन किया था.

शोधकर्ताओं को पता चला कि डाइक्लोफेनेक और आइब्यूप्रोफेन जैसी आम दर्दनिवारक दवाओं ने मरीजों में दिल के दौरे का खतरा काफी बढ़ा दिया था. डाइक्लोफेनेक जैसी दवा से तो यह खतरा 50 फीसदी तक बढ़ता देखा गया. इसलिए डॉक्टरों का कहना है कि जो लोग दिल की बीमारी के शिकार हैं या जिन्हें यह होने का जोखिम है, उन्हें ये दवाएं लेने से बचना चाहिए.

अध्ययनकर्ताओं ने एक और खतरे की तरफ ध्यान खींचा है. क्योंकि ये दवाएं डॉक्टर के पर्चे के बिना भी खरीदी जा सकती हैं इसलिए लोग यह समझते हैं कि ये सुरक्षित हैं. लेकिन इस अध्ययन के नतीजे बताते हैं कि इनसे दर्द भले ही शांत हो जाए लेकिन एक बड़ा जोखिम बढ़ जाता है. यही वजह है कि अब मांग हो रही है कि इन दवाओं को खरीदने के लिए डॉक्टर का सुझाव अनिवार्य कर दिया जाए.