देश की प्रमुख ऑनलाइन वॉलेट कंपनी पेटीएम का पेमेंट बैंक इस महीने के अंत तक काम करना शुरू कर देगा. पेटीएम के संस्थापक और सीईओ विजय शेखर शर्मा के अनुसार कंपनी को आरबीआई से पेमेंट बैंक शुरू करने की अनुमति जनवरी में ही मिल गई है. उनका कहना है कि बाकी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मार्च के आखिर तक पेटीएम बैंक सक्रिय हो जाएगा.

विजय शर्मा ने यह भी दावा किया कि आॅनलाइन वॉलेट कंपनी सिर्फ शुरुआत है और असली कारोबार पेटीएम बैंक के बनने के बाद होगा. हालांकि उन्होंने पारंपरिक बैंकों को पेमेंट बैंकों का प्रतिस्पर्धी मानने से इनकार किया और कहा कि पेमेंट बैंकों को उनसे प्रतियोगिता करने की जरूरत ही नहीं है. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पेटीएम के एसबीआई से करीब एक करोड़ ज्यादा यानी 21.5 करोड़ उपभोक्ता हैं. उनके मुताबिक कंपनी ने 2020 तक 50 करोड़ ग्राहकों तक पहुंचने को अपना लक्ष्य बनाया है. देश में दूरसंचार नेटवर्क और स्मार्टफोन के तेजी से बढ़ने को विजय शर्मा ने अपने कारोबार के पक्ष में बताया है.

पेमेंट बैंक क्या है

रिजर्व बैंक की सोच पेमेंट बैंक, बैंकिंग का एक नया मॉडल है. ये बैंक आम बैंक की तरह ग्राहकों का खाता खोलकर उसमें पैसा जमा कर सकते हैं. हालांकि इसकी सीमा अभी प्रति ग्राहक एक लाख रुपये है. आम बैंकों की तरह पेमेंट बैंक एटीएम, डेबिट कार्ड और नेट बैंकिंग जैसी सेवाएं दे सकते हैं लेकिन उन्हें कर्ज और क्रेडिट कार्ड देने की इजाजत नहीं है. एयरटेल ने भारत का पहला पेमेंट बैंक लांच किया था. पेटीएम यह सेवा देने वाली दूसरी कंपनी है. इन दोनों के अलावा इंडिया पोस्ट को भी यह सेवा देने के लिए परमिट मिला है.