नोटबंदी के बाद मिली विशेष छूट का दुरुपयोग करने के आरोपों के बाद आयकर विभाग ने देशभर के कई पेट्रोल पंपों और गैस सिलेंडर वितरकों पर छापे मारना शुरू कर दिया है. हाल ही में आए एक सर्वेक्षण में कहा गया था कि नोटबंदी के दौरान इन पेट्रोल पंपों ने वास्तविक लेनदेन से करीब 20 फीसदी ज्यादा लेनदेन दिखाकर कालेधन को सफेद बनाया है. सरकार को भी ऐसी गड़बड़ियों की शिकायत मिली थी.

सरकार ने नोटबंदी के करीब तीन हफ्ते बाद तक पेट्रोल और रसोई गैस खरीदने के लिए पुराने नोटों के इस्तेमाल की अनुमति दी थी. सरकार को शक है कि इस छूट का दुरुपयोग हुआ. लिहाजा आयकर विभाग पेट्रोल पंपों की कैशबुक की जांच कर रहा है ताकि किसी गड़बड़ी को पकड़ा जा सके.

हालांकि विभाग ने इसे छापेमारी की बजाय रूटीन कार्रवाई बताया है. उसके अनुसार, मार्च के पहले हफ्ते से ही पेट्रोल पंपों और रसोई गैस वितरकों के यहां सर्वेक्षण करके जमा और बिक्री के बीच के अंतर का ब्यौरा मांगा जा रहा है. संतोषजनक जवाब न देने पर उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत जमाराशि का करीब 75 फीसदी जुर्माने के रूप में वसूल करने का प्रावधान किया गया है.