पाकिस्तान में लापता दिल्ली की हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह के दोनों मौलवी वहां की सतर्कता एजेंसियों की हिरासत में हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक पाकिस्तान के अधिकारियों ने बताया है कि सैयद आसिफ अली निजामी और उनके भतीजे नाजिम निजामी को सतर्कता एजेंसियों ने लाहौर एयरपोर्ट पर उस वक्त हिरासत में ले लिया, जब वे कराची जाने के लिए फ्लाइट में बैठ चुके थे. बताया जा रहा है कि एजेंसियों ने दोनों मौलवियों को किसी अज्ञात जगह पर रखा है. सूत्रों का कहना है कि उन्हें मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) के नेता अल्ताफ हुसैन से कथित संबंधों के आधार पर हिरासत में लिया गया है.

सूत्रों के मुताबिक दोनों भारतीय मौलवियों से एमक्यूएम से संबंधों को लेकर पूछताछ की जा रही है और अगर सबूत नहीं मिला तो उन्हें रिहा कर दिया जाएगा. हालांकि, पाकिस्तान ने शुरू में इस बारे में जानकारी होने से इनकार किया था. दोनों भारतीय मौलवी लाहौर में बाबा फरीद की दरगाह पर जाने के बाद कराची में अपने एक रिश्तेदार से मिलने जाने वाले थे, लेकिन एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद उनके फोन बंद हो गए थे. शुक्रवार को भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मौलवियों के लापता होने के पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ होने का शक जताया था.

एमक्यूएम 1947 में बंटवारे के समय भारत से पाकिस्तान जाने वाले उर्दूभाषियों का संगठन है. इसका सिंध के कराची, हैदराबाद और मीरपुर खास जैसे शहरी इलाकों में काफी प्रभाव है. हालांकि, पिछले साल एमक्यूएम नेता अल्ताफ हुसैन की पाकिस्तान विरोधी बयानबाजी के बाद सरकार ने उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी थी. पाकिस्तान ने लंदन में निर्वासित जीवन जी रहे हुसैन पर देशद्रोह का आरोप लगाया था.