कांग्रेस सांसद एम वीरप्पा मोइली की अध्यक्षता वाली वित्तीय मामलों की संसदीय समिति ने वित्त वर्ष का समय बदलकर इसे कैलेंडर वर्ष के अनुरूप कर देने की सिफारिश की है. इस समिति ने महीना भर पहले बजट पेश करने के निर्णय को जल्दबाजी में लागू करने पर सरकार की आलोचना भी की है. उसका कहना है कि ऐसा करने से पहले सरकार को पूरी तैयारी करनी चाहिए थी.

समिति ने बताया है कि अप्रैल से मार्च को वित्त वर्ष बनाने का फैसला ब्रिटेन के हालात के अनुकूल था भारत के नहीं, लिहाजा वित्त वर्ष की मौजूदा परपंरा खत्म कर इसे कैलेंडर वर्ष के अनुरूप जनवरी से दिसंबर तक चलाया जाए. संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में उम्मीद जताई है कि सरकार वित्त वर्ष को बदलने के निर्णय को पूरी तैयारी करने के बाद लागू करेगी.

वित्त वर्ष की वर्तमान व्यवस्था देश में ठीक 150 साल पहले 1867 में लागू हुई थी. तब अंग्रेजी सरकार ने इसे ब्रिटेन के वित्त वर्ष के साथ मिलाने के लिए बदलाव किया था. उसके पहले देश में वित्त वर्ष मई से अप्रैल तक चला करता था.