लोकसभा चुनाव में भाजपा और बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा विरोधी महागठबंधन को शानदार जीत दिलाने के बाद स्टार रणनीतिकार बनकर उभरे प्रशांत किशोर (पीके) के सितारे उतार पर लग रहे हैं. उत्तर प्रदेश चुनाव में समाजवादी पार्टी-कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद प्रशांत किशोर की रणनीति और उनके व्यवहार पर अब सवाल उठने लगे हैं. शनिवार को लखनऊ में कांग्रेस पार्टी के दफ्तर के बाहर एक पोस्टर लगाया गया है जिसमें उन्हें ढूंढ़नेवाले को पांच लाख रु का इनाम देने की घोषणा की गई है. पोस्टर में उन्हें ‘स्वयंभू चाणक्य’ यानी खुद को चाणक्य समझने वाला बताया गया है.

कांग्रेस के राज्य सचिव राजेश सिंह की ओर से जारी इस पोस्टर में किशोर के उस कथित दावे की खिल्ली उड़ाई गई है कि यदि कांग्रेस ने उनकी रणनीति पर अमल किया तो पार्टी राज्य में 200 से ज्यादा सीटें जीतेगी. कांग्रेस ने सपा के साथ गठबंधन कर राज्य की 105 सीटों पर चुनाव लड़ा था. लेकिन उसे केवल सात सीटें ही मिल सकीं. बताया जाता है कि इससे कार्यकर्ताओं में हताशा और पार्टी की रणनीतियों को लेकर काफी गुस्सा है.

पोस्टर में दावा किया गया है कि जब से पार्टी की हार हुई है तब से प्रशांत किशोर गायब हैं और ऐसा लगता है वे भाजपा से कांग्रेस को हराने की सुपारी लेकर आए थे. पोस्टर में प्रशांत किशोर के नेताओं के साथ कथित बुरे व्यवहार की भी आलोचना की गई है.