पांच साल पहले मारुति सुजुकी के मानेसर प्लांट में हुई हिंसा के मामले की सुनवाई कर रही गुरुग्राम की एक अदालत ने 13 लोगों को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद और चार अन्य को पांच साल की सजा सुनाई है. 14 आरोपितों के जेल में बिताए हुए समय को पर्याप्त सजा बताते हुए अदालत ने उन्हें और सजा नहीं दी. फैसला आने के बाद किसी भी संभावित हिंसा से बचने के लिए गुरुग्राम और आसपास के इलाके में भारतीय दंड संहिता की धारा 144 लागू कर दी गई.

पिछले हफ्ते अदालत ने इस मामले में 31 कर्मचारियों को दोषी ठहराया था. उसने बाकी 117 आरोपितों को बरी कर दिया था. जुलाई 2012 में मारुति सुजुकी के मानेसर प्लांट में काफी हिंसा और आगजनी हुई थी. इस दौरान कंपनी के एचआर महाप्रबंधक अविनाश कुमार देव की जलकर मौत हो गई थी. आरोप था कि प्रबंधन से नाखुश श्रमिकों ने प्लांट में आग लगाई. आरोप यह भी था कि अविनाश कुमार देव के हाथ-पांव तोड़ डाले गए थे जिससे वे आग लगने पर भाग नहीं पाए. इस हिंसा में सैकड़ों अधिकारियों और कर्मचारियों को चोटें आई थीं. इसके बाद प्लांट को बंद कर दिया गया था. मामले में 148 लोगों को आरोपित बनाया गया था.