कर्नाटक : टोल बूथ पर डेबिट कार्ड से 40 की जगह चार लाख रुपये निकाले | सोमवार, 13 मार्च 2017

केंद्र सरकार द्वारा कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने के बीच धोखाधड़ी की चौंकाने वाली घटनाएं सामने आ रही हैं. कर्नाटक में एक टोल बूथ पर डेबिट कार्ड के भुगतान करने पर 40 रुपये की जगह चार लाख रुपये निकाल लेने का मामला सामने आया है.

द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक मुंबई जा रहे मैसूर के डॉक्टर राव ने कोच्चि-मुंबई हाइवे पर उडुपी के नजदीक एक टोल बूथ पर भुगतान के लिए अपना डेबिट कार्ड दिया था. टोल कर्मचारी ने कार्ड स्वाइप करने के बाद प्वाइंट ऑफ सेल और टोल की रसीद उन्हें लौटा दी. लेकिन, मोबाइल पर आए चार लाख रुपये की निकासी के मैसेज ने उन्हें हैरानी में डाल दिया.

रिपोर्ट के मुताबिक जब डॉ राव ने इसकी शिकायत टोल कर्मचारियों से की तो उन्होंने शुरू में अपनी चूक मानने से ही इनकार कर दिया. टोल कर्मचारियों के व्यवहार से मजबूर होकर डॉ राव को नजदीकी पुलिस स्टेशन का रुख करना पड़ा. हालांकि, पुलिस के दखल के बाद टोल बूथ ने अपने कर्मचारियों की गलती मान ली और डॉ राव को बाकी पैसे चेक से लौटाने के लिए तैयार हो गए. उन्होंने चेक से पैसा लेने से मना कर दिया. लेकिन, टोल बूथ के उच्चाधिकारियों से संपर्क करने के बाद टोल बूथ ने डॉ राव को बाकी 3,99,3960 रुपये नकद लौटाने की बात मान ली.

शत्रु संपत्ति (संशोधन) विधेयक को संसद की मंजूरी | मंगलवार, 14 मार्च 2017

संसद ने विवादास्पद शत्रु संपत्ति (संशोधन और विधिमान्यकरण) विधेयक, 2017 को अपनी मंजूरी दे दी है. विधेयक में संशोधन के राज्यसभा के प्रस्तावों को लोकसभा ने मंगलवार को ध्वनिमत से मंजूर कर लिया. राज्यसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है. यह विधेयक इससे संबंधित पहले जारी किए गए अध्यादेश का स्थान लेगा.

प्रस्तावित कानून से पांच दशक पहले के शत्रु संपत्ति कानून, 1968 में संशोधन हो जाएगा. पुराना कानून चीन और पाकिस्तान से साठ के दशक में हुए युद्ध के बाद लागू किया गया था. उसके जरिए चीन और पाकिस्तान चले गए लोगों की देश में मौजूद संपत्तियों पर कब्जे का अधिकार सरकार को मिल गया था.

नए संशोधित कानून से ‘शत्रु’ की परिभाषा का विस्तार हो जाएगा. अब ‘शत्रु’ का नया अर्थ पूर्व घोषित शत्रुओं के उत्तराधिकारियों से भी होगा. ऐसे में नए कानून के लागू होने के बाद पूर्व घोषित शत्रु के उत्तराधिकारियों का ऐसी संपत्ति पर कोई अधिकार नहीं रह जाएगा. यदि ऐसी संपत्ति के मालिक का कोई उत्तराधिकारी भारत लौट भी आता है तो संपत्ति पर उसका कोई हक नहीं होगा.

सामूहिक बलात्कार मामले में फरार चल रहे सपा नेता गायत्री प्रसाद प्रजापति गिरफ्तार | बुधवार, 15 मार्च 2017

सामूहिक बलात्कार के एक मामले में आरोपित उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया गया है. वे लगभग एक महीने से फरार थे. उत्तर प्रदेश पुलिस ने उन्हें बुधवार सुबह लखनऊ से गिरफ्तार किया. कोर्ट ने प्रजापति को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. पुलिस इस मामले में अन्य छह नामजद आरोपितों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.

17 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गायत्री प्रसाद प्रजापति और अन्य छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. इन सभी लोगों पर एक महिला के साथ कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार करने और उसकी नाबालिग बेटी के साथ बलात्कार की कोशिश करने का आरोप है. सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस से आठ हफ्ते के भीतर इस मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट देने का भी निर्देश दिया था.

दिल्ली हाईकोर्ट ने जाकि​र नाईक के एनजीओ पर बैन को सही ठहराया | गुरुवार, 16 मार्च 2017

विवादास्पद इस्लामिक धर्मगुरु जाकिर नाईक की संस्था ‘इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन’ यानी आईआरएफ पर लगाए गए प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिका दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है. कोर्ट ने कहा है कि आईआरएफ पर प्रतिबंध लगाने का केंद्र सरकार का फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से जरूरी था. कोर्ट के अनुसार सरकार का आदेश मनमाना नहीं था.

कोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार का यह दावा सही है कि नाईक के प्रभाव में आकर युवा आतंकी समूहों के संपर्क में आ सकते हैं इसलिए देश की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा के लिए इस एनजीओ पर प्रतिबंध लगाना आवश्यक था. इस मामले में सरकार की तरफ पेश किए गए सबूतों को अदालत ने मान लिया. उसने यह भी कहा कि ऐसा कहना गलत है कि प्रतिबंध से पहले संस्था को विस्तृत कारण नहीं बताए गए.

केंद्र सरकार ने आईआरएफ पर पिछले साल नवंबर में गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम कानून के तहत तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लागू कर दिया था.

अरविंद सुब्रमण्यम अगले दो साल तक मोदी सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार बने रहेंगे | शुक्रवार, 17 मार्च 2017

केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों में प्रमुख भूमिका निभाने वाले मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम अब अक्टूबर 2019 तक अपने पद पर बने रहेंगे. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक मोदी सरकार ने उनके कार्यकाल को अगले दो साल के लिए बढ़ाने का फैसला किया है. अरविंद सुब्रमण्यम अक्टूबर 2014 में मुख्य आर्थिक सलाहकार बने थे.

वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ काम करने वाले अरविंद सुब्रमण्यम ने न केवल वस्तु और सेवा (जीएसटी) कानून का मसौदा तैयार करने में प्रमुख भूमिका निभाई है, बल्कि इस दौरान कई नए विचारों को भी सामने रखने का काम किया है. रेल यात्रियों के आधार पर उन्होंने यह जानकारी देकर सबको हैरत में डाल दिया था कि देश के भीतर विस्थापितों की सालाना संख्या 90 लाख से ज्यादा है जो अब तक के आकलन से कहीं अधिक है.

अकेले उत्तर प्रदेश में ही बड़ी पार्टियों ने चुनाव पर करीब 5,500 करोड़ रुपए खर्च कर दिए | शनिवार, 18 मार्च 2017

निर्वाचन आयोग ने भले ही चुनाव खर्च की सीमा तय कर रखी हो, लेकिन चुनावों के दौरान पैसा बेतहाशा ही खर्च किया जाता है. सीएमएस नाम की एक सर्वे एजेंसी के ताजा अध्ययन के हवाले से हिंदुस्तान टाइम्स ने खबर दी है कि उत्तर प्रदेश में ही बड़े दलों ने हाल में ही हुए विधानसभा चुनाव के दौरान करीब 5,500 करोड़ रुपए खर्च कर डाले हैं.

अध्ययन में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश में जो रकम खर्च हुई है उसमें से करीब 1,000 करोड़ रुपए तो मतदाताअों के बीच नकद और शराब के तौर पर बांट दिए गए. प्रदेश के हर वोट पर औसतन करीब 750 रुपए खर्च किए गए और इस लिहाज से यह आंकड़ा देश में सबसे ज्यादा है. हालांकि जिन चुनाव क्षेत्रों में मुकाबला कड़ा था, वहां एक-एक मतदाता पर दो-दो हजार रुपए तक खर्च किए गए. इसके अलावा बाकी पैसा प्रचार, विज्ञापन आदि पर खर्च किया गया.