बीते हफ्ते पाकिस्तान में लापता हजरत निजामुद्दीन दरगाह के सूफी मौलवी सैयद आसिफ अली निजामी और उनके भतीजे नाजिम निजामी सकुशल भारत लौट आए हैं. सोमवार शाम को दोनों लोगों ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की और सुरक्षित वापसी के लिए भारत सरकार का अाभार जताया. विदेश मंत्री से मिलने के बाद नाजिम निजामी ने कहा, ‘पाकिस्तान में नकारात्मक सोच रखने वाले नहीं चाहते कि हम वहां जाएं. लेकिन, मैं मोहब्बत का पैगाम लेकर दोबारा पाकिस्तान जाऊंगा और डंके की चोट पर जाऊंगा.’

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक इससे पहले नाजिम निजामी ने कहा था कि उम्मत नाम के एक पाकिस्तानी अखबार ने उन्हें रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) का जासूस बताते हुए फर्जी खबर और फोटो छापी थी. मौलवियों के मुताबिक इसके बाद पाकिस्तान के अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की थी, हालांकि उन्होंने वहां अपनी गिरफ्तारी की बात से इनकार किया है. लेकिन, इससे पहले खबर आई थी कि दोनों मौलवियों को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने हिरासत में ले लिया है और मुत्तहिता कौमी मूवमेंट के नेता अल्ताफ हुसैन से संबंध होने के शक के आधार पर पूछताछ कर रही हैं.

बीते हफ्ते मौलवियों की गुमशुदगी की खबर आने के बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक हलचलें तेज हो गईं थीं. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इसके पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ होने का शक जताया था और पाकिस्तान के उच्चाधिकारियों से बात की थी. हालांकि, रविवार को विदेश मंत्री स्वराज ने ट्विटर पर लिखा था कि दोनों मौलवी सुरक्षित कराची पहुंच गए हैं और सोमवार को भारत लौट आएंगे.

दोनों मौलवी आठ मार्च को पाकिस्तान गए थे. वे लाहौर में बाबा फरीद की दरगाह पर जाने के बाद अपने एक रिश्तेदार से मिलने कराची जाने वाले थे. लेकिन, बीते हफ्ते कराची जाने के लिए लाहौर एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद से उनके मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गए थे.