सुप्रीम कोर्ट ने उपहार अग्निकांड मामले में दोषी गोपाल अंसल को और समय देने से इनकार करते हुए उन्हें समर्पण करने का आदेश दिया है. अब उन्हें सोमवार को ही पटियाला हाउस कोर्ट में समर्पण कर बाकी की सजा काटनी होगी.

गोपाल अंसल ने शीर्ष अदालत से गुजारिश की थी कि उन्हें समर्पण के लिए थोड़ा और समय दिया जाए क्योंकि उनकी दया याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित है. लेकिन उनके वकील राम जेठमलानी की दलील को कोर्ट ने मानने से इनकार कर दिया और कहा कि अदालत इस मामले पर अब कोई सुनवाई नहीं करेगी. सुप्रीम कोर्ट ने इसी महीने उनकी पुनर्विचार याचिका भी ठुकरा दी थी.

पिछले साल फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अंतिम फैसला देते हुए गोपाल अंसल को एक साल की सजा सुनाई थी. उनके भाई सुशील अंसल को खराब सेहत के चलते और सजा नहीं दी गई थी. अंसल ने समान न्याय का हवााला देते हुए पुनर्विचार याचिका भी लगाई थी, पर कोर्ट ने उनकी सजा माफ करने से इनकार कर दिया. शीर्ष अदालत ने दोषियों की सजा बढ़ाने की पीड़ितों की पुनर्विचार याचिका को भी खारिज दिया था.

1997 में दिल्ली के ग्रीन पार्क इलाके में स्थिति उपहार सिनेमा हॉल में बॉर्डर फिल्म के प्रदर्शन के दौरान भयानक आग लग गई थी. इस अग्निकांड में 59 लोगों की मौत हुई थी और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे. जांच में पाया गया था कि हॉल में अवैध तरीके से सीटें बढ़वाई गई थीं. जांच में पाया गया था कि सिनेमा हॉल के प्रबंधन ने जानबूझकर लापरवाही बरती थी.