मणिपुर की पहली भाजपा सरकार ने सोमवार को विधानसभा में अपना बहुमत साबित कर दिया. एन बिरेन सिंह के नेतृत्व में बनी इस सरकार को विधानसभा अध्यक्ष को छोड़कर 32 सदस्यों का समर्थन मिला. 60 सदस्यों की विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पास होने के लिए 31 विधायकों का समर्थन चाहिए था.

भाजपा को अपने 21 विधायकों के अलावा एनपीएफ, एनपीपी, एलजेपी, और टीएमसी के सभी विधायकों का समर्थन मिला. वहीं एक निर्दलीय और कांग्रेस के एक विधायक ने भी प्रस्ताव को समर्थन दिया. इससे पहले भाजपा के वाई खेमचंद सिंह 33 मत पाकर विधानसभा अध्यक्ष बनने में कामयाब रहे.

राज्य के 11 मार्च को आए चुनाव परिणाम में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. उसे 28, भाजपा को 21, एनपीएफ और एनपीपी को चार-चार, एलजेपी, तृणमूल कांग्रेस और निर्दलीय को एक-एक सीटें मिली थी. भाजपा अन्य दलों के समर्थन से सरकार बनाने में कामयाब रही. नई सरकार ने 16 मार्च को शपथ ली थी.

130 दिन पुरानी नाकाबंदी भी खत्म

नई सरकार को रविवार को एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई. राज्य में 130 दिनों से जारी आर्थिक नाकाबंदी खत्म करने पर यूनाइटेड नगा काउंसिल यानी यूएनसी तैयार हो गई. केंद्र सरकार, मणिपुर सरकार और नगा समूहों की संयुक्त बातचीत में रविवार आधी रात से नाकाबंदी हटा लेने पर सहमति बन गई. समझौते में तय हुआ कि यूएनसी के सभी गिरफ्तार नेताओं को बिना शर्त रिहा कर दिया जाएगा. साथ ही नाकाबंदी के दौरान दर्ज सारे मामले वापस ले लिए जाएंगे.