चीन ने भारत को चेतावनी दी है. इसके मुताबिक अगर भारत ने ‘वन बेल्ट, वन रोड’ परियोजना का समर्थन नहीं किया तो उसे चीन का विरोध झेलना पड़ेगा. चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में छपे एक लेख में कहा गया है कि चीनी सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरी दुनिया से समर्थन मिल रहा है इसलिए भारत को भी इस पर लचीला और व्यावहारिक रुख अपनाना चाहिए. लेख के मुताबिक भारत ने कई देशों के साथ मिलकर इस परियोजना को रोकने की नाकाम कोशिश की है. लिहाजा अब उसे विरोध छोड़कर इसके साथ आ जाना चाहिए.

‘वन बेल्ट, वन रोड’ चीन की अति-महत्वाकांक्षी परियोजना है. इसे कई सदी पहले अस्तित्व में रहे ‘रेशम मार्ग’ यानी सिल्क रूट की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है. इस परियोजना के जरिए चीन को यूरोप, अफ्रीका और दक्षिण एशिया के कई बंदरगाहों से जोड़ा जाना है. इससे चीन को नए बाजार और आयात-निर्यात के नए रास्ते मिल जाएंगे. अनुमान है कि इस परियोजना से चीन की अर्थव्यवस्था को काफी गति मिलेगी.

दलाई लामा के बिहार दौरे पर चीन की आपत्ति

पिछले हफ्ते दलाई लामा के बिहार दौरे पर भी चीन ने गहरी नाराजगी जताई है. एक बयान में उसके विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘भारत ने चीन की चिंताओं और विरोध को दरकिनार करते हुए दलाई लामा को अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन में बुलाया. हमें यह अच्छा नहीं लगा. चीन ऐसी पहल का पुरजोर विरोध करता है.’ चीन के मुताबिक भारत को चाहिए कि वह दलाई लामा की चीन-विरोधी मुहिम को समझे. बयान में कहा गया है, ‘भारत को दोनों देशों के संबंधों पर बुरा असर डालने वाले कामों से दूर रहना चाहिए.’