उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की नई सरकार बनने के एक दिन बाद इलाहाबाद से दो बूचड़खाने बंद होने की खबर है. बताया जाता है कि इन दो अवैध बूचड़खानों को प्रशासन ने सील कर दिया है. यहां के दो अन्य बूचड़खाने एनजीटी के आदेश पर पहले ही बंद किए जा चुके हैं.

रविवार को शपथ ग्रहण के तुरंत बाद नए मुख्यमंत्री ने कहा था कि अवैध बूचडख़ानों को बंद कराना उनकी महत्वपूर्ण प्राथमिकता है. इसके बाद कयास लगने लगे हैं कि कैबिनेट की पहली बैठक में ही इस घोषणा पर अमल कर दिया जाएगा. हाल के चुनाव में भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में वादा किया था कि उसकी सरकार बनी तो राज्य के सारे अवैध बूचड़खाने बंद कर दिए जाएंगे.

प्रशासन का अनुमान है कि उत्तर प्रदेश में करीब 250 अवैध बूचड़खाने हैं. ऐसे बूचड़खाने कागज पर तो बंद रहते हैं लेकिन यहां रोज जानवर मारे जाते हैं. पिछले साल मई में राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण यानी एनजीटी ने ऐसे अवैध बूचड़खानों को बंद करने का आदेश दिया था. हालांकि खबरें आईं कि प्रशासन ने इस पर ठीक से अमल नहीं किया.