कालेधन पर अंकुश लगाने और डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार ने वैध नकद लेन-देन की सीमा को घटाकर मात्र दो लाख रुपये कर दिया है. वहीं अब एक जुलाई से आयकर रिटर्न भरते वक्त पैन कार्ड के साथ-साथ आधार कार्ड की भी जरूरत होगी. जानकारों के मुताबिक अधिक से अधिक लोगों को कर के दायरे में लाने के लिए सरकार ने यह प्रस्ताव रखा है.

एक फरवरी को बजट पेश करते वक्त वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संसद में कहा था कि तीन लाख से अधिक का नकद लेन-देन ही अवैध और दंडनीय होगा. लेकिन मंगलवार को लोकसभा में पेश वित्त संशोधन विधेयक में सरकार ने बताया है कि दो लाख रु की तय सीमा से अधिक के नकद लेन-देन पर 100 फीसदी तक जुर्माना लगेगा. हालांकि सरकार, बैंकों, डाकघरों या सहकारी बैंकों को इस सीमा से छूट मिलेगी. सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि दो लाख से अधिक के नकद लेन-देन पर पैन नंबर देना अनिवार्य होगा. नकद लेन-देन के नए नियम एक अप्रैल से शुरू हो रहे नए वित्त वर्ष से लागू होंगे.