अयोध्या के राम मंदिर विवाद पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की एक अहम टिप्पणी को आज के सभी अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. खबरों के मुताबिक अदालत ने कहा कि यह मामला बेहद संवदेनशील है इसलिए इसका आपसी स​हमति से हल निकले तो बेहतर है. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि दोनों पक्ष चाहें तो मुख्य न्यायाधीश इस मामले की मध्यस्थता कर सकते हैं. शीर्ष अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 31 मार्च को तय की है. उधर, जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने कहा है कि बातचीत से कोई हल नहीं निकल सकता. अगर ऐसा संभव होता तो मसला बहुत पहले सुलझ गया होता.

कालेधन पर अंकुश लगाने और डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार ने वैध नकद लेन-देन की सीमा को तीन से घटाकर दो लाख रुपये कर दिया है. यह खबर भी आज के अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. खबरों के मुताबिक अब एक जुलाई से आयकर रिटर्न भरते वक्त पैन कार्ड के साथ-साथ आधार कार्ड भी अनिवार्य कर दिया गया है. इसके अलावा संसद में भाजपा सांसदों की अनुपस्थिति से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाराज होने की खबर को भी अखबारों ने प्रमुखता से छापा है. प्रधानमंत्री मोदी ने पार्टी सांसदों को आदेश दिया है कि वे सदन में अपनी अधिकतम उपस्थिति सुनिश्चित करें.

मानव विकास सूचकांक में भारत 131वें पायदान पर, रिपोर्ट में आरक्षण व्यवस्था की तारीफ

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) द्वारा मंगलवार को जारी मानव विकास सूचकांक (एचडीआई) में भारत एक पायदान नीचे चला गया है. द हिंदू में छपी खबर के मुताबिक इस सूचकांक में भारत 188 देशों के बीच 131वें स्थान पर है. देश का एचडीआई मान 0.624 है जो मध्यम विकास की श्रेणी में आता है. यूएनडीपी की रिपोर्ट में भारत की आरक्षण व्यवस्था की तारीफ भी की गई है. इसमें कहा गया है कि साल 1965 में उच्च स्तरीय पदों पर केवल दो फीसदी दलित थे और 2011 में यह आंकड़ा बढ़कर 11 फीसदी हो गया है. साथ ही, इसमें सूचना का अधिकार, खाद्य सुरक्षा और शिक्षा का अधिकार जैसे कानूनों का भी जिक्र किया गया है.

अखबार के मुताबिक दक्षिण एशियाई देशों में भारत, श्रीलंका (73वें) और मालदीव (105वें) के बाद तीसरे पायदान पर है. वैश्विक स्तर पर नार्वे ने अव्वल स्थान हासिल किया है. इसके बाद ऑस्ट्रेलिया और स्विजरलैंड शीर्ष तीन देशों में है. यह सूचकांक शिक्षा का स्तर, जीवन प्रत्याशा (आयु) और बुनियादी जरूरतों तक पहुंच के आधार पर तैयार किया जाता है.

भ्रामक विज्ञापनों पर सरकार सख्त, नये कानून की तैयारी

केंद्र सरकार भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए नया उपभोक्ता संरक्षण कानून लाने की तैयारी में है. जनसत्ता की एक खबर के मुताबिक इसकी जानकारी देते हुए केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि नए कानून में भ्रामक विज्ञापन देने वालों के खिलाफ सख्त सजा का प्रावधान होगा. लोकसभा में मंगलवार को उन्होंने कहा कि फिलहाल इस तरह के मामलों से निपटने के लिए कई कानून हैं.

रामविलास पासवान ने सदन को जानकारी दी कि संसद की स्थाई समिति ने उपभोक्ता संरक्षण विधेयक, 2015 में कई संशोधनों का सुझाव दिया था. उन्होंने इन सुझावों को नए विधेयक में शामिल करने की बात कही. साथ ही, केंद्रीय मंत्री ने सोने की हॉलमार्किंग अनिवार्य किए जाने की बात भी कही. इसमें ग्राम में वजन और कंपनी का नाम छापना अनिवार्य होगा.

रेलवे : नई खानपान नीति के तहत यात्रियों को ताजा भोजन परोसने का प्रस्ताव

रेलवे ने खानपान की शिकायतों से खराब होती अपनी छवि को सुधारने के लिए हर दो घंटे पर ताजे भोजन की आपूर्ति करने की बात कही है. हिन्दुस्तान ने इस खबर को मुख्य पृष्ठ पर जगह दी है. अखबार के मुताबिक इसके लिए नई खानपान नीति लागू की जाएगी. इसके तहत पूरे देश में मेगा किचन बनाए जाने का प्रस्ताव है. इनमें हर रोज 11 लाख यात्रियों के लिए खाना बनाया जा सकेगा.

केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने मंगलवार को इस संबंध में खाद्य और पेय कंपनियों, स्वयं सहायता समूह के प्रतिनिधियों और आईआरसीटीसी के अधिकारियों के साथ चर्चा की. इसका मकसद नई नीति को लागू करने के लिए रोडमैप तैयार करना था. नई नीति में खाना पकाने और ट्रेनों में आपूर्ति करने का काम अलग कर दिया गया है. इससे रेलवे की खानपान सेवा में ठेकेदारों का वर्चस्व खत्म होने की बात कही गई है. बताया जाता है कि ट्रेन में सफर के दौरान खाने-पीने के सामानों की अधिक कीमत वसूलने की शिकायतों को दूर करने के लिए कोच में एक मूल्य सूची भी लगाई जा रही है.

नारदा स्टिंग कांड पर ममता बनर्जी सरकार को झटका

सुप्रीम कोर्ट ने नारदा स्टिंग कांड की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की जा रही जांच को रोकने से इनकार कर दिया. मंगलवार को अदालत ने सीबीआई को एक महीने के अंदर इस मामले की प्राथमिक जांच पूरी करने का आदेश दिया. द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक अदालत ने इस मामले को गंभीर अपराध बताते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दो नेता सुवेंदु अधिकारी और सुगाता रॉय द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया. इससे पहले 17 मार्च को कलकत्ता हाईकोर्ट ने मामले की सीबीआई जांच का आदेश दिया था.

अखबार के मुताबिक टीएमसी नेताओं का कहना है कि इस मामले की जांच सीबीआई के हाथ में है जो केंद्र सरकार के अधीन है. उनके मुताबिक यह उन्हें शेर के सामने फेंकने जैसा मामला है. उन्होंने अपनी याचिका में इसकी जांच के लिए एक विशेष जांच दल बनाने या इसकी निगरानी की मांग की थी. नारदा स्टिंग कांड पिछले साल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले का मामला है. इसमें टीएमसी के नेताओं पर एक फर्जी कंपनी की मदद करने के बदले रिश्वत लेने का आरोप है.

आज का कार्टून

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में करारी हार की वजह को लेकर कांग्रेस पार्टी में मंथन पर द टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित आज का कार्टून :