पूर्व क्रिकेटर और पंजाब की नई-नवेली कांग्रेस सरकार के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू इस बात पर अड़े हैं कि वे कपिल शर्मा के कॉमेडी शो में काम करते रहेंगे. लेकिन उनकी इस ज़िद ने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और उनकी सरकार को परेशानी में डाल दिया है. कानून के जानकार मानते हैं कि मंत्री रहते हुए सिद्धू ऐसे किसी व्यावसायिक कार्यक्रम में काम करते हैं तो उनके खिलाफ हितों के टकराव का मामला बन सकता है. यही वजह है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस मामले में कानूनी सलाह लेने का फैसला किया है.

द हिंदू से बातचीत में अमरिंदर सिंह के मीडिया सलाहकार रवीन ठकराल ने बताया, ‘मुख्यमंत्री राज्य के महाधिवक्ता से कानूनी सलाह लेंगे. क्योंकि कैप्टन इस तथ्य को लेकर बहुत आश्वस्त नहीं हैं कि सिद्धू का फैसला हितों के टकराव के दायरे में आता है या नहीं. लिहाजा, महाधिवक्ता की सलाह के आधार पर ही सिद्धू को आगे कोई मशविरा या निर्देश दिया जाएगा.’ हालांकि कानून के जानकार और राज्यसभा सदस्य केटीएस तुलसी ने सिद्धू को टीवी शो छोड़ने की सलाह दी है. एनडीटीवी से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘कोड ऑफ कंडक्ट इस मामले में साफ है. सिद्धू को तय करना होगा कि वे पंजाब सरकार में मंत्री रहें या टीवी शो में काम करें.’

पंजाब में स्थानीय प्रशासन, पर्यटन एवं संस्कृति, आर्काइव्स एवं म्यूज़ियम जैसे मंत्रालय संभाल रहे सिद्धू ने मंत्री बनते ही कहा था कि वे कपिल शर्मा के शो में काम करना जारी रखेंगे. उन्होंने मंगलवार को फिर ट्‌वीट किया था, ‘मैंने आईपीएल छोड़ दिया है. 70-80 फीसदी टीवी शो छोड़ चुका हूं. सिर्फ एक शो करता हूं. उसके लिए कुछ घंटे को मैं अगर शाम से सुबह तक कहीं जाता हूं तो इससे किसी को क्या लेना-देना.’

हालांकि इस मामले में पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और राज्य सभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा का कहना है, ‘सिद्धू को महाधिवक्ता की राय के साथ चलना चाहिए.’ खुद सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर ने भी संकेत दिया है, ‘अगर हितों के टकराव का मामला बनता है तो सिद्धू कॉमेडी शो छोड़ सकते हैं.’