शशांक मनोहर ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के अध्यक्ष पद पर बने रहने का फैसला किया है. खबरों के मुताबिक उन्होंने इस साल परिषद की वार्षिक बैठक तक पद पर बने रहने पर अपनी सहमति दी है. इस बैठक में परिषद के प्रशासनिक और वित्तीय ढांचे में बदलाव किए जाने की बात कही गई है. इससे पहले 15 मार्च को शशांक मनोहर ने निजी कारणों का हवाला देकर पद से इस्तीफा दे दिया था. बताया जाता है कि आईसीसी ने एक प्रस्ताव पारित करके उनसे पद पर बने रहने की गुजारिश की थी.

शुक्रवार को आईसीसी द्वारा जारी बयान में शशांक मनोहर ने कहा है, ‘परिषद के निदेशक ने मेरे ऊपर जो विश्वास दिखाया है, मैं उसका सम्मान करता हूं.’ उन्होंने आगे कहा, ‘यह मेरा कर्तव्य है कि सदस्यों के साथ मिलकर आईसीसी के प्रशासनिक ढांचे में धीरे-धीरे बदलाव कर पाऊं.’ शशांक मनोहर ने साफ किया कि जिस वजह से उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया था, वह नहीं बदली है.’

बताया जाता है कि शंशाक मनोहर जिस बदलाव की बात कर रहे हैं उसमें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के राजस्व में कटौती कर इसे अन्य सदस्य देशों के बीच बराबर बांटने का प्रस्ताव भी है. बीते महीने आईसीसी के सात सदस्य देशों ने इस पर सहमति जाहिर की थी. शशांक मनोहर मई 2016 में एन श्रीनिवासन के इस्तीफे के बाद आईसीसी के निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए थे. अध्यक्ष का पद संभालने के बाद वे परिषद को तीन बड़े सदस्य देशों भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के प्रभुत्व से निकालने की अपनी कोशिशों के चलते चर्चा में रहे हैं.