प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से हफ्ते में एक दिन पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल न करने की अपील की है. इस खबर को आज के अखबारों ने मुख्य पृष्ठ पर जगह दी है. अखबारों के मुताबिक अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात में उन्होंने देशवासियों से ट्रैफिक नियमों का पालन करने का भी आग्रह किया. प्रधानमंत्री के मुताबिक इन छोटी-छोटी बातों से ही नए भारत का निर्माण होगा. अपने कार्यक्रम में उन्होंने लोगों से खाने की बर्बादी न करने की भी अपील की.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गुंडों को राज्य छोड़ देने की चेतावनी देने की खबर भी आज के अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. खबरों के मुताबिक उन्होंने अधिकारियों से खुद में सुधार लाने के लिए भी कहा. मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि जो अधिकारी 18 से 20 घंटे काम नहीं कर सकते वे स्वेच्छा से अपनी जगह खाली कर दें.

मातृत्व लाभ के नए प्रावधानों को लेकर स्टार्टअप्स कंपनियां परेशान, पुरुष कामगारों को वरीयता देने पर विचार

मातृत्व लाभ संशोधन विधेयक-2017 में शामिल प्रावधानों ने कारोबारी समूहों खासकर स्टार्टअप्स कंपनियों को परेशानी में डाल दिया है. संसद से पारित इस विधेयक में मातृत्व लाभ के तहत छुट्टी की अवधि को 12 हफ्ते से बढ़ाकर 26 हफ्ते कर दिया गया है. द टाइम्स ऑफ इंडिया के सर्वे के मुताबिक करीब 26 फीसदी स्टार्टअप्स कंपनियों ने महिलाओं की जगह पुरुषों को वरीयता देने की बात कही है. इसके साथ अधिकांश कंपनियों का मानना था कि वे ऐसे कामगार को नहीं रख सकते जो आगे लंबे समय तक छुट्टी पर हो. हालांकि, कुछ कंपनियों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है.

अखबार ने कई कंपनियों के अधिकारियों के हवाले से कहा है कि संशोधित विधेयक के प्रावधानों को लागू करने से कंपनियों पर वित्तीय बोझ बढ़ने के साथ ही उनकी काम की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है. साथ ही स्टार्टअप्स कंपनियों के लिए तो इसके प्रावधानों को लागू करना काफी मुश्किल होगा.

उत्तर प्रदेश : किसानों के आपदा राहत मद में जारी की गई 73 फीसदी राशि का बंटवारा नहीं

उत्तर प्रदेश में चालू वित्तीय वर्ष (2016-17) में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के लिए राज्य सरकार द्वारा पैसा जारी करने के बावजूद किसानों को अभी तक राहत नहीं मिली है. अमर उजाला में छपी एक खबर के मुताबिक सरकार ने इसके लिए 1700 करोड़ रुपये जारी किए थे लेकिन, इनमें से 480 करोड़ रुपये (27 फीसदी) ही किसानों के बीच बांटे जा सके हैं. बताया जाता है कि संबंधित विभाग वित्तीय वर्ष के आखिरी समय में रकम वापस करने की तैयारी में हैं. मथुरा, कानपुर, हापुड़ और हमीरपुर में यह रकम सरकार के खजाने में वापस कर दी गई है.

राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव ने अखबार को बताया कि वित्त वर्ष के बाकी दिनों में रकम किसानों में बांटी जाएगी. इसके बाद भी यदि पैसे बचते हैं, तो इन्हें सरेंडर कर दिया जाएगा. 2015 के शुरुआती महीनों में ओले पड़ने और ज्यादा बारिश की वजह से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई थीं.

बिहार : साल 2016 में 3037 लड़कियां गुम, तस्करी की आंशका

बिहार में साल 2016 में कुल 3037 लड़कियों की गुमशुदगी के मामले दर्ज किए गए हैं. दैनिक जागरण ने इस खबर को पहले पन्ने पर जगह दी है. अखबार ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के हवाले से कहा है कि इनमें से 1587 लड़कियों के गुम होने के पीछे का कारण प्रेम प्रसंग बताया गया है. बताया जाता है कि गुम होने वाली लड़कियों में अधिकतर स्कूल-कॉलेज जाने वाली लड़कियां होती है. इनमें से अधिसंख्य लड़कियां गरीब परिवार की बताई गई है.

अखबार के मुताबिक इन मामलों में यह पाया गया है कि पुलिस मामला दर्ज कर लेती है लेकिन, लड़कियों को ढूंढ़ने का काम परिजनों का ही होता है. बरामद होने के बाद पुलिस लड़की का केवल बयान दर्ज कर लेती है. बताया जाता है कि गुम होने वाली ज्यादातर लड़कियों को राजस्थान, हरियाणा, पंजाब जैसे राज्यों में बेच दिया जाता है या उनकी जबरदस्ती शादी करवा दी जाती है. उधर, पटना के एसएसपी मनु महाराज ने इस मामले में पुलिस की हीलाहवाली से इनकार किया है. उनका कहना है कि शिकायत मिलने पर पुलिस मामला दर्ज कर छानबीन में जुट जाती है और जरुरत पड़ने पर भी विशेष टीम भी गठित की जाती है.

झारखंड, मणिपुर और आंध्र प्रदेश में मिड-डे मील योजना को आधार से जोड़ने के बाद छात्रों की संख्या में 4.4 लाख की कमी

झारखंड, मणिपुर और आंध्र प्रदेश में मिड-डे मील योजना को आधार से जोड़ने के बाद स्कूली छात्रों की संख्या में 4.4 लाख की कमी आई है. हिंदुस्तान टाइम्स के पहले पन्ने पर छपी एक खबर के मुताबिक इनका नाम फर्जी तरीके से दर्ज किया किया गया था. बताया जाता है कि इन राज्यों में फर्जी छात्रों के नाम पर भी योजना के तहत सरकारी फंड से पैसे उठाये जाते रहे हैं. केंद्र सरकार ने इस योजना में पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार खत्म करने की बात कहकर छात्रों के लिए आधार संख्या को अनिवार्य कर दिया है.

अखबार के मुताबिक पिछले दो वर्षों में आंध्र में 29 लाख स्कूली बच्चों में 2.1 लाख का नाम केवल कागजों पर होने की बात सामने आई. एक अधिकारी ने बताया कि इस मामले के सामने आने के बाद फर्जी नामांकनों को रद्द किया गया. साथ ही झारखंड में भी ऐसे 2.2 लाख और मणिपुर में 1500 छात्रों के नाम को रद्द कर दिया गया है. केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के एक अधिकारी का कहना है कि सभी राज्यों में इस संबंध में आंकड़े इकट्ठे किए जा रहे हैं.

आज का कार्टून

एयर इंडिया कर्मचारी के साथ मार-पीट करने वाले शिवसेना सांसद रवींद्र गायकवाड़ को एफआईए (फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस) द्वारा काली सूची में डाले जाने पर द हिंदू में प्रकाशित आज का कार्टून :