आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी का दावा है कि उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की भारत सरकार की अपील को इंटरपोल ने खारिज कर दिया है. उन्होंने एक ट्वीट कर यह बात कही है. ललित मोदी ने इंटरपोल की ओर से जारी इस कथित पत्र को ट्विटर और इंस्टाग्राम पर लगाया है. इसमें जारी होने की तारीख 24 मार्च 2017 दर्ज है.

ललित मोदी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा है, ‘इंटरपोल ने जांच पूरी करके मेरे हक में फैसला सुनाया है. मेरे खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के भारत सरकार के आग्रह को उसने अस्वीकार कर दिया. मेरे सिर पर जो तलवार लटक रही थी, वह अब अचानक हट गई है.’

ललित मोदी ने इंस्टाग्राम और ट्विटर पर इंटरपोल से जारी एक कथित पत्र भी पोस्ट किया है. इसमें लिखा है, ‘ललित कुमार मोदी को इंटरपोल नोटिस जारी नहीं किया जाएगा और इंटरपोल के डाटाबेस में अब उनका नाम नहीं है.’ हालांकि इंटरपोल के इस कथित दस्तावेज में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ‘पहले उनका नाम इंटरपोल के डाटाबेस में था पर बाद में उसे हटा दिया गया।’

हालांकि पत्र की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं हो पाई है. सीबीआई ने कहा है कि उसके पास कोई सूचना नहीं है और वह अभी इंटरपोल के दस्तावेजों की प्रामाणिकता जांच रही है. लेकिन यदि मोदी का दावा सही है तो यह भारत सरकार के लिए झटका होगा. राजनीतिक स्तर पर यह मामला तूल पकड़ सकता है. पहले ही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर आरोप लग चुका है कि उन्होंने मोदी को भागने में मदद की थी. हालांकि उन दोनों ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था.

इससे पहले 2010 में कथित घोटाले में फंसने के बाद मोदी भारत से भाग गए थे. अभी वह ब्रिटेन में रह रहे हैं. ब्रिटेन से उन्हें भारत प्रत्यर्पित कराने की प्रक्रिया अभी चल रही है. इस महीने की 10 तारीख को ही सरकार ने कहा था कि ललित मोदी के प्रत्यर्पण के लिए सभी कानूनी उपायों पर विचार किया जा रहा है. साथ ही भारत इंटरपोल से उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाने की कोशिश भी कर रहा था.