देश में बूचड़खानों और गोहत्या पर बहस के बीच गुजरात में पारित एक विधेयक में गोहत्या के लिए उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है. खबरों के मुताबिक विधानसभा ने शुक्रवार को गुजरात पशु संरक्षण (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दे दी. इस विधेयक में गायों को वध के लिए ढोने वालों के लिए भी सजा सख्त कर दी गई है. इस जुर्म में दोषी पाए जाने पर न्यूनतम जहां पहले तीन से सात साल की सजा का प्रावधान था वहीं अब इसे सात से 10 कर दिया गया है. इसके अलावा दोषी को बतौर जुर्माना कम से कम एक लाख रुपये भी देने होंगे. पहले यह रकम 50 हजार रु थी. विधानसभा में विधायी कामकाज देखने वाले प्रवीण भाई प्रजापति ने सत्याग्रह से बातचीत में इसकी पुष्टि की है.

बताया जाता है कि विधेयक लाकर गोहत्या पर इस तरह के सजा का प्रावधान करने वाला गुजरात देश का पहला राज्य बन गया है. राज्य सरकार में गृह राज्य मंत्री प्रदीप सिंह जडेजा ने कहा है कि गायों के संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है. खबरों के मुताबिक सरकार के इस विधेयक को विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है. राज्य में इस साल अक्टूबर-नवंबर तक विधानसभा चुनाव होने हैं.

बीते 12 मार्च को मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा था कि राज्य में गायों के संरक्षण के लिए सरकार सख्त प्रावधान लाएगी. इससे पहले साल 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 1954 के पशु संरक्षण कानून में संशोधन किया था. इसमें गोहत्या के लिए अधिकतम सात साल की कैद और जुर्माने के तौर पर 50,000 रुपये का प्रावधान तय किया गया था.